Мусаввирӣ ки туро чини зулф мишкӣн дод
مصوری که تو را چین زلف مشکین داد
зи машки зулфи ту моро сиришк хунин дод
ز مشک زلف تو ما را سرشک خونین داد
Фидои хомаи сӯратгарӣ тавон гаштан
فدای خامهٔ صورت گری توان گشتن
Ки зеби оризат аз хати ънброгини бод
که زیب عارضت از خط عنبرآگین داد
Гиреҳи гушойии корам касе тавонад кард
گرهگشایی کارم کسی تواند کرد
Ки тори зулфи хами андари туро чин дод
که تار زلف خم اندر تو را چین داد
Ман аз ду зулфи парокандаи ту ҳайронам
من از دو زلف پراکندهٔ تو حیرانم
Ки ҷамъи дил шудагонро чигуна таскин дод
که جمع دل شدگان را چگونه تسکین داد
Ҳамон ки сиккаи шоҳӣ ба номи ҳасан ту зад
همان که سکهٔ شاهی به نام حسن تو زد
Салои ишқи ту бар ошиқон мискин дод
صلای عشق تو بر عاشقان مسکین داد
зи талхи комии Фарҳод кӣ хабар дорад
ز تلخ کامی فرهاد کی خبر دارد
Касе ки бӯсаи дамодам ба лаъл ширин дод
کسی که بوسه دمادم به لعل شیرین داد
Маии зи меҳр май аз шишаи рехт дар ҷомам
مهی ز مهر می از شیشه ریخت در جامم
Ки хӯшаи арақаши гӯшмол парвин дод
که خوشهٔ عرقش گوشمال پروین داد
Чунон ҳабиб хаҷал шуд зи ашки рангинам
چنان حبیب خجل شد ز اشک رنگینم
Ки дар ҳузури рақибами шароб рангин дод
که در حضور رقیبم شراب رنگین داد
Камар ба куштани ман нозанини нигории баст
کمر به کشتن من نازنین نگاری بست
Ки хӯни баҳоии маро аз каф нигорин дод
که خون بهای مرا از کف نگارین داد
Бибин чаҳ май кашам аз дасти посбон дараш
ببین چه میکشم از دست پاسبان درش
Ки май барам ба дар шоҳ Носириддин дод
که میبرم به در شاه ناصرالدین داد
Хдиў рӯй замини офтоби давлату дайн
خدیو روی زمین آفتاب دولت و دین
Ки камтарини хадамаши ҳукм бар салотин дод
که کمترین خدمش حکم بر سلاطین داد
Шикваи афсару фару сариру зинати кох
شکوه افسر و فر و سریر و زینت کاخ
Ки тахтро қадамаши садҳазор тамкин дод
که تخت را قدمش صدهزار تمکین داد
Кадоми аҳли дили имшаби дуоӣ шаҳ ме кард
کدام اهل دل امشب دعای شه میکرد
Ки Ҷабраили аминро забон ойин дод
که جبرئیل امین را زبان آیین داد
Шҳо барои фурӯғии ҳамин саодати бас
شها برای فروغی همین سعادت بس
Ки пеши тахти ту бахташи лисон таҳсин дод
که پیش تخت تو بختش لسان تحسین داد