Ҳамон ки чашми туро тарзи дил рибоӣ дод

همان که چشم تو را طرز دل‌ربایی داد

Дили маро ба нигоҳи ту ошноӣ дод

دل مرا به نگاه تو آشنایی داد

Пас аз шикастани дил ком додӣам оре

پس از شکستن دل کام دادی‌ام آری

Ба тан дуруст набояд ки мумиёе дод

به تن درست نباید که مومیایی داد

Ба ёди шамъи рахти оҳӣ аз дилам сар зад

به یاد شمع رخت آهی از دلم سر زد

Ки дар дили шаби торик равшаноӣ дод

که در دل شب تاریک روشنایی داد

Ниҳоди умри ман он рӯз зад ба кӯтоҳӣ

نهاد عمر من آن روز زد به کوتاهی

Ки коми булҳавасони зулфат аз расое дод

که کام بوالهوسان زلفت از رسایی داد

Чаҳ шоҳидии ту ки зоҳид ба як киришмаи ту

چه شاهدی تو که زاهد به یک کرشمهٔ تو

Матоъи тақвоу колоӣ порсое дод

متاع تقوی و کالای پارسایی داد

Куҷо ба шоҳии кунин сари фурӯди орад

کجا به شاهی کونین سر فرود آرد

Касе ки ишқи тўоши мансаб гадоӣ дод

کسی که عشق تواش منصب گدایی داد

Агар на бо ту як пардааш фалаки пурвирд

اگر نه با تو یک پرده‌اش فلک پرورد

Пас аз барои чаҳ гули буи бевафое дод

پس از برای چه گل بوی بی وفایی داد

Чунон зи зулфи ту мурғи дилам ба дом афтод

چنان ز زلف تو مرغ دلم به دام افتاد

Кигар бимиради нтўонмш раҳоӣ дод

که گر بمیرد نتوانمش رهایی داد

Сазои ман ки дамии хуррам аз висол шудам

سزای من که دمی خرم از وصال شدم

Ҳазор мартабаи ишқ аз ғам ҷудоӣ дод

هزار مرتبه عشق از غم جدایی داد

Ба сайдгоҳи муҳаббати дили фурӯғӣ ро

به صیدگاه محبت دل فروغی را

Ғизоли чашми ту завқи ғазал сарое дод

غزال چشم تو ذوق غزل سرایی داد