То сабои шона бар он сунбули хам дар хам зад
تا صبا شانه بر آن سنبل خم در خم زد
Ошёни дили як силсиларо бар ҳам зад
آشیان دل یک سلسله را بر هم زد
Буд аз зулфи парешони туами хотири ҷамъ
بود از زلف پریشان توام خاطر جمع
Фитнаи ишқ чу гесуии тўош бар ҳам зад
فتنه عشق چو گیسوی تواش بر هم زد
Тобиши ҳасани ту дар каъбау бут хона фитод
تابش حسن تو در کعبه و بت خانه فتاد
Оташи ишқи ту бар муҳаррам ва номаҳрам зад
آتش عشق تو بر محرم و نامحرم زد
Ту санами қиблаи соҳиби назаронеи имрӯз
تو صنم قبلهٔ صاحب نظرانی امروز
Ки занхдони ту оташ ба чаҳ замзам зад
که زنخدان تو آتش به چه زمزم زد
Гар на аз мурдани ушшоқи парешон ҳол аст
گر نه از مردن عشاق پریشانحال است
Пас чаро зулфи ту сад ҳалқаи дарин мотам зад
پس چرا زلف تو صد حلقه درین ماتم زد
Ҳоли дили сӯхтаи ишқ касе ме донад
حال دل سوختهٔ عشق کسی میداند
Ки ба дили доғи туро дар иваз марҳам зад
که به دل داغ تو را در عوض مرهم زد
Агар он холи сияҳи раҳзан ман шуд шояд
اگر آن خال سیه رهزن من شد شاید
Зон ки шайтон ба ҳамин донаи раҳ одам зад
زان که شیطان به همین دانه ره آدم زد
Чашми бади давр ки он саф зада мижгони дароз
چشم بد دور که آن صفزده مژگان دراز
Ханҷарӣ бар дили сад пораи мо муҳкам зад
خنجری بر دل صد پارهٔ ما محکم زد
Хиҷлати ишқ ба ҳаддӣаст ки дар маҷлиси дӯст
خجلت عشق به حدی است که در مجلس دوست
Остин ҳам натавон бар мижаи пар нам зад
آستین هم نتوان بر مژهٔ پر نم زد
Аввалин нуқтаи паргор муҳаббат моием
اولین نقطهٔ پرگار محبت ماییم
Пас аз он калаки қазои доира олам зад
پس از آن کلک قضا دایرهٔ عالم زد
Ҳар чаҳ дар ҷом ту резанд фурӯғӣ май нӯш
هر چه در جام تو ریزند فروغی مینوش
Ки ба соқӣ натавон шикваи з беш ва кам зад
که به ساقی نتوان شکوه ز بیش و کم زد