Наргиси масти ту роҳи дил ҳушёрон зад
نرگس مست تو راه دل هشیاران زد
Хуфтаро байн ки чисон бар саф бедорон зад
خفته را بین که چسان بر صف بیداران زد
Ишқ ҳар уқда ки дар зулфи гиреҳи гири ту буд
عشق هر عقده که در زلف گره گیر تو بود
Гуҳ ба кори ман ва гоҳе ба дил ёрон зад
گه به کار من و گاهی به دل یاران زد
Соқии он бода ки аз лаъли ту дар соғари рехт
ساقی آن باده که از لعل تو در ساغر ریخت
Оташӣ буд ки дар хона михўорон зад
آتشی بود که در خانهٔ میخواران زد
Ту ки аз қайди гирифтории дили озодӣ
تو که از قید گرفتاری دل آزادی
Кӣ тавон бо ту дам аз ҳол гирифторон зад
کی توان با تو دم از حال گرفتاران زد
То изори ту арақ рез шуд аз оташ май
تا عذار تو عرقریز شد از آتش می
Боғбон гуфт ки бар барги саман борон зад
باغبان گفت که بر برگ سمن باران زد
То хати сабзи ту аз ёсмт чеҳра дамид
تا خط سبز تو از یاسمت چهره دمید
Барқ ёс омад ва бар кишти талаб корон зад
برق یاس آمد و بر کشت طلب کاران زد
Он ки дар базми туами тавбаи з мехӯрдан дод
آن که در بزم توام توبه ز می خوردن داد
Гарм шавқ омаду сар бар дар хуморон зад
گرم شوق آمد و سر بر در خماران زد
Нозами он чашми сияҳи маст ки аз роҳи ғурур
نازم آن چشم سیه مست که از راه غرور
Саргарон омад ва бар қалб сбкборон зад
سرگران آمد و بر قلب سبکباران زد
Ҷаври хубони ҷафои пешаи фурӯғиро кишт
جور خوبان جفا پیشه فروغی را کشت
То дам аз муҳкамии аҳд вафодорон зад
تا دم از محکمی عهد وفاداران زد