Нафаси номслмонм аз гунаҳ пушаймон шуд
نفس نامسلمانم از گنه پشیمان شد
Роҳибӣ ба роҳ омад кофарӣ мусулмон шуд
راهبی به راه آمد کافری مسلمان شد
Донаҳои хол ӯ доми роҳи одами гашт
دانههای خال او دام راه آدم گشت
Ҳалқаҳои мӯӣ ӯ мори ҳалқ шайтон шуд
حلقههای موی او مار حلق شیطان شد
Аз сиёҳии бахтами зулфи ёр дар ҳам гашт
از سیاهی بختم زلف یار در هم گشت
Вази табоҳии ҳолами чашми дӯст ҳайрон шуд
وز تباهی حالم چشم دوست حیران شد
То ба пой ӯ додам нақди ҷон ба осонӣ
تا به پای او دادم نقد جان به آسانی
Матлабам ба даст омад сахти кор осон шуд
مطلبم به دست آمد سخت کار آسان شد
Мутрибӣ ба мастӣ кард зикри чашму зулф ӯ
مطربی به مستی کرد ذکر چشم و زلف او
Ҳоли мо дигаргуни гашти ҷамъи мо парешон шуд
حال ما دگرگون گشت جمع ما پریشان شد
Хусравӣ ба ширинӣ талх кард комам ро
خسروی به شیرینی تلخ کرد کامم را
Каз лаби шикархандаши нархи шукр арзон шуд
کز لب شکرخندش نرخ شکر ارزان شد
То ба хӯн худ хуфтам , захмам аз ту марҳам ёфт ,
تا به خونِ خُود خفتم ، زخمم از تو مرهم یافت،
То ба дарди дили мардум , дардам аз ту дармон шуд
تا به درد دل مردم، دردم از تو درمان شد
То зи машриқи хӯбии талъати ту толеъи гашт
تا ز مشرق خوبی طلعت تو طالع گشت
Муштарӣ ба хок афтод офтоб пинҳон шуд
مشتری به خاک افتاد آفتاب پنهان شد
Дар ғуломии ?ути моро фар салтанат доданд
در غلامیات ما را فر سلطنت دادند
Ходими ту хусрави гашти бандаи ту султон шуд
خادم تو خسرو گشت بنده تو سلطان شد
То ба шонаи аФшондии зулфи ънброФшон ро
تا به شانه افشاندی زلف عنبرافشان را
Хоки ънброгини гашти боди анбар афшон шуд
خاک عنبرآگین گشت باد عنبر افشان شد
Соқӣ аз май боқии ҷуръае ба хок ифшоанд
ساقی از می باقی جرعهای به خاک افشاند
Дар қаламрави зулмати номаши об ҳайвон шуд
در قلمرو ظلمت نامش آب حیوان شد
Зорӣ ман оварадаш бар сари дили озорӣ
زاری من آوردش بر سر دلآزاری
То ниёзами афзӯни гашти ноз ӯ фаровон шуд
تا نیازم افزون گشت ناز او فراوان شد
Чанде аз руху зулфаши сунбулу самани чидам
چندی از رخ و زلفش سنبل و سمن چیدم
Хати сабз ӯ сар зад рӯзгор райҳон шуд
خط سبز او سر زد روزگار ریحان شد
Ишқ то падед омад дониш фурӯғӣ рафт
عشق تا پدید آمد دانش فروغی رفت
Дар камоли донои маҳви Тифл нодон шуд
در کمال دانایی محو طفل نادان شد