Ҳар ҷон ки бар лаб омад , воқиф аз он даҳон шуд
هر جان که بر لب آمد، واقف از آن دهان شد
Ҳар сар ки аз миён рафт , огоҳ аз он миён шуд
هر سر که از میان رفت، آگاه از آن میان شد
Ҳар дӯстӣ ки кардам таъси душманӣ дод
هر دوستی که کردم تاثیر دشمنی داد
Ҳар хӯни дил ки хӯрдам аз дидаам равон шуд
هر خون دل که خوردم از دیدهام روان شد
Сунбули зи буии зулфат бесабр ва бесукӯн шуд
سنبل ز بوی زلفت بی صبر و بی سکون شد
Наргис ба ёди чашмати ранҷур ва нотавон шуд
نرگس به یاد چشمت رنجور و ناتوان شد
Дар васфи тори мӯяти як мӯ баён накардам
در وصف تار مویت یک مو بیان نکردم
Бо он ки дар такаллум ҳар мӯии ман забон шуд
با آن که در تکلم هر موی من زبان شد
Аз лаъли пари фусунат гуё шудем , оре
از لعل پر فسونت گویا شدیم، آری
Гар сомрӣ ту бошӣ гӯсола метавон шуд
گر سامری تو باشی گوساله میتوان شد
Пой талаб кашидам аз каъбау килисо
پای طلب کشیدم از کعبه و کلیسا
Рӯзӣ ки саҷдаи гоҳами он хок остон шуд
روزی که سجدهگاهم آن خاک آستان شد
Дидӣ ки зоҳиди шаҳр дар кӯии шоҳиди мо
دیدی که زاهد شهر در کوی شاهد ما
Даии лоф салтанат зад , имрӯз посбон шуд
دی لاف سلطنت زد، امروز پاسبان شد
Дар даври чашми соқии бахти ҷавон касе рост
در دور چشم ساقی بخت جوان کسی راست
Каз файзи ҷоми боқии перонаи сар ҷавон шуд
کز فیض جام باقی پیرانهسر جوان شد
Фарши тараби бгстр чун боди навбаҳорӣ
فرش طرب بگستر چون باد نوبهاری
Фарроши бӯстони гашти наққош гулистон шуд
فراش بوستان گشت نقاش گلستان شد
Аз давлат гадоӣ кардем подшоҳӣ
از دولت گدایی کردیم پادشاهی
Ҳар кас ки бандагӣ кард охир хдоигон шуд
هر کس که بندگی کرد آخر خدایگان شد
Дар гулшани муҳаббати манъами зи нола кам кун
در گلشن محبت منعم ز ناله کم کن
Хомӯш кӣ нишинад мурғӣ ки нағма хон шуд
خاموش کی نشیند مرغی که نغمهخوان شد
Гуфтӣ зи гиряи як дам фориғ нишин фурӯғӣ
گفتی ز گریه یک دم فارغ نشین فروغی
Барҳам наметавон зад чашмӣ ки хӯн фишон шуд
برهم نمیتوان زد چشمی که خون فشان شد