Он ки дар ишқи сазовори сар дор нашуд
آن که در عشق سزاوار سر دار نشد
Ҳаргиз аз ҳолати Мансур хабардор нашуд
هرگز از حالت منصور خبردار نشد
Нақшӣ аз пардаи эҷод падедор нашуд
نقشی از پرده ایجاد پدیدار نشد
Каз тамошои рахти сӯрат девор нашуд
کز تماشای رخت صورت دیوار نشد
Он ки бӯсед лаби нӯши ту шукр начишед
آن که بوسید لب نوش تو شکر نچشید
Ваон ки хусбед дар оғӯши ту бедор нашуд
وان که خسبید در آغوش تو بیدار نشد
Тараби ангези гулӣ дар ҳамаи гул зор нараст
طرب انگیز گلی در همه گلزار نرست
Ки ба савдои ғамат бар сар бозор нашуд
که به سودای غمت بر سر بازار نشد
Мӯ ба мӯи ҳоли парокандаи дилон кӣ донад
مو به مو حال پراکنده دلان کی داند
Он ки дар ҳалқаи мӯии ту гирифтор нашуд
آن که در حلقه موی تو گرفتار نشد
Ҳар чаҳ гуфтанд мукаррари ҳама дар гӯш омад
هر چه گفتند مکرر همه در گوش آمد
Биҷуз аз нуктаи тавҳид ки такрор нашуд
بجز از نکتهٔ توحید که تکرار نشد
Гар нагуфтам ғами деринаи дили маъзӯрам
گر نگفتم غم دیرینهٔ دل معذورم
Ки миёни ман ва ӯ фурсат гуфтор нашуд
که میان من و او فرصت گفتار نشد
Он ки нӯшед шароб аз қадаҳи соқии мо
آن که نوشید شراب از قدح ساقی ما
Маст гардид бидон гӯна ки ҳушёр нашуд
مست گردید بدان گونه که هشیار نشد
Он ки дар ҷамъ харобот нишинон нанишаст
آن که در جمع خرابات نشینان ننشست
Дар ҳарами хонаи ҳақи муҳаррам асрор нашуд
در حرم خانهٔ حق محرم اسرار نشد
Зулфи шоҳиди зи сари таъна ба зоҳид ме гуфт
زلف شاهد ز سر طعنه به زاهد میگفت
Ҳайф аз он риштаи тасбеҳ ки зуннор нашуд
حیف از آن رشته تسبیح که زنار نشد
Ҳар киро хӯни дил аз дида фурӯғӣ начакид
هر که را خون دل از دیده فروغی نچکید
Қобил дидан он машриқ анвор нашуд
قابل دیدن آن مشرق انوار نشد