Ҳеҷам ороми дил аз зулфи дил ором намонад

هیچم آرام دل از زلف دل آرام نماند

Нозами ин ҳалқа казу ҳеҷ дил ором намонад

نازم این حلقه کزو هیچ دل آرام نماند

Бас ки мурғи дилам аз завқи асирӣ пар зад

بس که مرغ دلم از ذوق اسیری پر زد

Ғайри муштии пари азу дар шикан дом намонад

غیر مشتی پر ازو در شکن دام نماند

Сарвқадии дилам аз тарз хиромидани барад

سروقدی دلم از طرز خرامیدن برد

Ки маро дар пай ӯ қӯт рафтор намонад

که مرا در پی او قوت رفتار نماند

Гар бути ман з дар дайри даройади сармаст

گر بت من ز در دیر درآید سرمست

Аз ҳарам бонг бароранд ки ислом намонад

از حرم بانگ برآرند که اسلام نماند

Номи нек ар талабии гирди хароботи магарад

نام نیک ار طلبی گرد خرابات مگرد

Ки дар ин кӯча касе нест ки бадном намонад

که در این کوچه کسی نیست که بدنام نماند

Ҷаҳд кун то асари хайр ту монад боқӣ

جهد کن تا اثر خیر تو ماند باقی

Ки дарин майкадаи ҷамро ба ҷуз аз ҷом намонад

که درین میکده جم را به جز از جام نماند

Хилвати хоси ту махсӯси дил хосон аст

خلوت خاص تو مخصوص دل خاصان است

Хосса вақте ки дар он раҳгузар ом намонад

خاصه وقتی که در آن رهگذر عام نماند

Он чунон оташи савдои ту афрӯхта шуд

آن چنان آتش سودای تو افروخته شد

Ки дил сӯхтаам дар тамаъ хом намонад

که دل سوخته‌ام در طمع خام نماند

Бо вуҷӯди ту лабу чашми назарбозон ро

با وجود تو لب و چشم نظربازان را

Ҳаваси шукру андеша бодом намонад

هوس شکر و اندیشهٔ بادام نماند

Фасли гули фориғӣ аз айши фурӯғӣ то чанд

فصل گل فارغی از عیش فروغی تا چند

Дар паии шоҳид ва мекӯш ки айём намонад

در پی شاهد و می کوش که ایام نماند