Кош медод худо ҳар нафасами ҷонӣ чанд
کاش میداد خدا هر نفسم جانی چند
То ба ҳар гом ту мекардам қурбонӣ чанд
تا به هر گام تو میکردم قربانی چند
Чашми бади даври зи ҳасани ту причҳраҳ ки кишт
چشم بد دور ز حسن تو پریچهره که کشت
Ҳасрати хотами лаъли ту сулаймонӣ чанд
حسرت خاتم لعل تو سلیمانی چند
Чаҳ ғам аз кашмакаши гардиш даврон дорад
چه غم از کشمکش گردش دوران دارد
Ҳар ки бо чашми ту соғар зада давроне чанд
هر که با چشم تو ساغر زده دورانی چند
Соқии чашми тўоши бода ба паймона накард
ساقی چشم تواش باده به پیمانه نکرد
Ҳар ки бишикаст дар ин майкадаи паймонӣ чанд
هر که بشکست در این میکده پیمانی چند
Касе аз кофари чашм ту напурсед охир
کسی از کافر چشم تو نپرسید آخر
Каз чаҳ рӯи рехтае хӯни мусулмонӣ чанд
کز چه رو ریختهای خون مسلمانی چند
Оҳ агар домани пок ту наёранд ба даст
آه اگر دامن پاک تو نیارند به دست
Хстгонӣ ки дариданд гиребонӣ чанд
خستگانی که دریدند گریبانی چند
Аз сари зулфи парешони ту маълумами гашт
از سر زلف پریشان تو معلومم گشت
Ки чаро ҷамъ нашуд ҳоли парешоне чанд
که چرا جمع نشد حال پریشانی چند
Бар намехӯрд дил аз умри гарони мояи хеш
بر نمیخورد دل از عمر گرانمایهٔ خویش
Ки намехӯрд зи мижгони ту пайконе чанд
که نمیخورد ز مژگان تو پیکانی چند
эй дариғо ки ба домони ту дастам нарасед
ای دریغا که به دامان تو دستم نرسید
Бо вуҷӯдӣ ки задам даст ба домоне чанд
با وجودی که زدم دست به دامانی چند
Муждае дил ки зи девони муҳаббати имрӯз
مژده ای دل که ز دیوان محبت امروز
Аз паии қатли ту содир шудаи фурмоне чанд
از پی قتل تو صادر شده فرمانی چند
То фурӯғии ҳаваси чеҳра нир дорад
تا فروغی هوس چهرهٔ نیر دارد
Пой то сар шудаи омодаи ниронӣ чанд
پای تا سر شده آمادهٔ نیرانی چند