эй ба дил ҳо зада мижгони ту пайконе чанд

ای به دل ها زده مژگان تو پیکانی چند

Миннати новаки дили дузи ту бар ҷонӣ чанд

منت ناوک دل‌دوز تو بر جانی چند

Гӯшаи чоки гиребонат агар бигушое

گوشه چاک گریبانت اگر بگشایی

Башиканӣ равнақи бозори гулистонӣ чанд

بشکنی رونق بازار گلستانی چند

То буриданд бар андоми ту пероҳани ноз

تا بریدند بر اندام تو پیراهن ناز

Бар дариданд з ҳар гӯшаи гиребонӣ чанд

بر دریدند ز هر گوشه گریبانی چند

Ҷамъ кун силсилаи зулфи парешонат ро

جمع کن سلسلهٔ زلف پریشانت را

То магар ҷамъ кунӣ ҳоли парешоне чанд

تا مگر جمع کنی حال پریشانی چند

Юсуфи дил ки шуд аз чоҳи занхдонати халос

یوسف دل که شد از چاه زنخدانت خلاص

Аз хами зулф ту афтод ба зиндонӣ чанд

از خم زلف تو افتاد به زندانی چند

Танг шуд ҷои з бисёре мурғони қафас

تنگ شد جای ز بسیاری مرغان قفس

Будӣ эй коши марои қӯти афғонӣ чанд

بودی ای کاش مرا قوت افغانی چند

Носҳои манъи фурӯғии зи муҳаббат то кӣ

ناصحا منع فروغی ز محبت تا کی

Гӯ ба он ма накунад ишваи пинҳонӣ чанд

گو به آن مه نکند عشوهٔ پنهانی چند