Кошкӣ соқии зи лаълаш май ба ҷом ман кунад

کاشکی ساقی ز لعلش می به جام من کند

Чархи мино то саҳари гардиш ба ком ман кунад

چرخ مینا تا سحر گردش به کام من کند

Гар ба ҷинат ҳам нишин бо аблаҳон бояд шудан

گر به جنت هم نشین با ابلهان باید شدن

Коши дӯзахро худои як ҷои мақом ман кунад

کاش دوزخ را خدا یک جا مقام من کند

Гармтар аз оташи ҳасрат бибояд оташӣ

گرم‌تر از آتش حسرت بباید آتشی

То алоҷи сардии савдои хом ман кунад

تا علاج سردی سودای خام من کند

То наризам донаҳои ашки рангинро ба хок

تا نریزم دانه‌های اشک رنگین را به خاک

Тоири давлати куҷои тамкини дом ман кунад

طایر دولت کجا تمکین دام من کند

Панҷае дар панҷаи шер фалак хоҳам задан

پنجه‌ای در پنجهٔ شیر فلک خواهم زدن

Гар чунин оҳӯи Ромиро бахти ром ман кунад

گر چنین آهو رمی را بخت رام من کند

Офтоб ояд зи гардун бар суҷуди боми ман

آفتاب آید ز گردون بر سجود بام من

Гар чунин тобандаи моҳии рӯ ба ёд ман кунад

گر چنین تابنده ماهی رو به یاد من کند

Бо хаёл рӯйу мӯяши ғарқи нуру зулматам

با خیال روی و مویش غرق نور و ظلمتم

Кӯи назарбозӣ ки сайри субҳу шом ман кунад

کو نظربازی که سیر صبح و شام من کند

Қоматӣ дидам ки мегуяд гуҳи бархестан

قامتی دیدم که می‌گوید گه برخاستن

Кӯи қиёмат то тамошои қиём ман кунад

کو قیامت تا تماشای قیام من کند

Гар бидон даргоҳи олии гом ман хоҳад расед

گر بدان درگاه عالی گام من خواهد رسید

Сиргоҳшро фалак дар зери гом ман кунад

سیرگاهش را فلک در زیر گام من کند

Гар ғулом хештан хонд марои султони ишқ

گر غلام خویشتن خواند مرا سلطان عشق

Ҳар чаҳ султонаст аз ин мансаби ғулом ман кунад

هر چه سلطان است از این منصب غلام من کند

Гар ба дарвешии баради номи марои он шоҳи ҳасан

گر به درویشی برد نام مرا آن شاه حسن

Ҳар хатибии хутба дар минбар ба ном ман кунад

هر خطیبی خطبه در منبر به نام من کند

Гавҳар шҳўор шуд назми гуҳарборами балӣ

گوهر شهوار شد نظم گهربارم بلی

Шоҳ май бояд ки таҳсини калом ман кунад

شاه می‌باید که تحسین کلام من کند

Носириддини шаҳ ки фармоед ба шоҳи ахтарон

ناصرالدین شه که فرماید به شاه اختران

Лашкарат бояд ки таъзими низом ман кунад

لشکرت باید که تعظیم نظام من کند

Дигар аз машриқ наме тобади фурӯғии офтоб

دیگر از مشرق نمی‌تابد فروغی آفتاب

Гар назар бар манзари моҳи тамом ман кунад

گر نظر بر منظر ماه تمام من کند