Ҳар дили шайдо ки шуд ба рӯй ту моил

هر دل شیدا که شد به روی تو مایل

Боз нагардад ба садҳазори далоил

باز نگردد به صدهزار دلایل

Сарви Фрозндаҳ аз қиёми ту бе по

سرو فرازنده از قیام تو بی پا

Меҳри фурӯзанда аз ҷамоли ту зоил

مهر فروزنده از جمال تو زایل

Ҳалқаи гесуии ту каманди мҷонин

حلقهٔ گیسوی تو کمند مجانین

Ҷилваи болои ту балои қабоил

جلوهٔ بالای تو بلای قبایل

Пардаи танро ба даст шавқ даридем

پردهٔ تن را به دست شوق دریدیم

То нашавад дар миёни мо ва ту ҳоил

تا نشود در میان ما و تو حایل

Воситаро бо ту ҳеҷ робита Эй нест

واسطه را با تو هیچ رابطه‌ای نیست

Кас ба висоли ту чун расад ба васоил

کس به وصال تو چون رسد به وسایل

Ишқ садо мезанад ба кофари вмؤмн

عشق صدا می‌زند به کافر ومؤمن

Бода тараб медиҳад ба мункиру қойил

باده طرب می‌دهد به منکر و قایل

эй ки надидӣ мақоми ошиқу маъшӯқ

ای که ندیدی مقام عاشق و معشوق

Иззат манъам бибину зиллати соил

عزت منعم ببین و ذلت سایل

Дам натавон зад ба маҷлисӣ ки дар он ҷо

دم نتوان زد به مجلسی که در آن جا

Меҳр хамӯшӣ заданд бар лаби қойил

مهر خموشی زدند بر لب قایل

Ман на кунун по ниҳодаам ба харобот

من نه کنون پا نهاده‌ام به خرابات

Бар сари ин кӯча бӯдаам аз авоил

بر سر این کوچه بوده‌ام از اوایل

Он ки нашавед ба бодаи хирқаи тақво

آن که نشوید به باده خرقهٔ تقوی

Пок нахоҳад шудани зи айни рзоил

پاک نخواهد شدن ز عین رذایل

Кӣ зи ту ширин шавад мазоқи фурӯғӣ

کی ز تو شیرین شود مذاق فروغی

Бе карами хусрави хуҷастаи хасоил

بی کرم خسرو خجسته خصایل

Чашму чароғи ситораи носрдини шоҳ

چشم و چراغ ستاره ناصردین شاه

Он ки ба гӯш фалак кашида қноил

آن که به گوش فلک کشیده قنایل