Дар олами муҳаббати доне чаҳ кор кардам

در عالم محبت دانی چه کار کردم

Баъд аз супурдани дили ҷонро нисор кардам

بعد از سپردن دل جان را نثار کردم

Бар хоки ошиқонаши охири қадами ниҳодам

بر خاک عاشقانش آخر قدم نهادم

Дар хайли куштагонаши охир гузор кардам

در خیل کشتگانش آخر گذار کردم

Шахс аз балои гурезад то хӯн ӯ наризад

شخص از بلا گریزد تا خون او نریزد

Ман як ҷаҳони балоро худ ихтиёр кардам

من یک جهان بلا را خود اختیار کردم

Аввали қадами ниҳодам дар кӯй бе қарорӣ

اول قدم نهادم در کوی بی قراری

Вони гуҳи қарори улфат бо зулф ёр кардам

وآن گه قرار الفت با زلف یار کردم

Ушшоқи рӯз равшан гарӣанд пеши маъшӯқ

عشاق روز روشن گریند پیش معشوق

Ман ҳар чаҳ гиря кардам шабҳои тор кардам

من هر چه گریه کردم شب‌های تار کردم

Гуфтам барои дилҳо охир бидиҳ қарорӣ

گفتم برای دل ها آخر بده قراری

Гуфт ин балои кашонро худ беқарор кардам

گفت این بلا کشان را خود بی قرار کردم

Рӯзии каманди зулфаш дар печу тобами андохт

روزی کمند زلفش در پیچ و تابم انداخت

Каз бахти тира ӯро нисбат ба мор кардам

کز بخت تیره او را نسبت به مار کردم

Ҳаргиз ба хӯни мардум моил набӯд чашмаш

هرگز به خون مردم مایل نبود چشمش

Ин масти дили сияҳро ман ҳӯшёр кардам

این مست دل سیه را من هوشیار کردم

Ҳар гуҳ рақам намудем авсофи тори мӯяш

هر گه رقم نمودم اوصاف تار مویش

Сармояи қаламро машк ттор кардам

سرمایهٔ قلم را مشک تتار کردم

Ҳар чанд рӯзгорам аз даст ӯ сияҳ буд

هر چند روزگارم از دست او سیه بود

Ҳар шиквае ки кардам аз рӯзгор кардам

هر شکوه‌ای که کردم از روزگار کردم

Дар айн ноумедӣ гуфтам умед ман дод

در عین ناامیدی گفتم امید من داد

Навмеди ишқ ӯро умедвор кардам

نومید عشق او را امیدوار کردم

Садбор бӯса додам пои рақибаши имшаб

صدبار بوسه دادم پای رقیبش امشب

Яъне барои он гули тамкин хор кардам

یعنی برای آن گل تمکین خار کردم

Аз бас ки ҷавр дидам зон моҳи рӯи фурӯғӣ

از بس که جور دیدم زان ماه رو فروغی

Охири шикояташро бо шаҳриёр кардам

آخر شکایتش را با شهریار کردم

Шоҳи хуҷастаи ойини фархундаи Носириддин

شاه خجسته آیین فرخنده ناصرالدین

Каз мдҳтши варақро гавҳар нигор кардам

کز مدحتش ورق را گوهر نگار کردم