Дерӣаст ки девонаи он чашми кабӯдам

دیری است که دیوانه آن چشم کبودم

Сармастам аз ин бодаи дерина ки будам

سرمستم از این بادهٔ دیرینه که بودم

Аз рӯй фурӯзанда ӯ парда фикандам

از روی فروزندهٔ او پرده فکندم

Аз кор фурӯбаста дил уқда гушӯдам

از کار فروبستهٔ دل عقده گشودم

Бенаии ман дар Рахш аз гиря фузун шуд

بینایی من در رخش از گریه فزون شد

Чндонкаҳи марои кост , ғам ишқ фузудам

چندانکه مرا کاست، غم عشق فزودم

Вақте дар дилро ба рухам боз намуданд

وقتی در دل را به رخم باز نمودند

Каз дайру ҳарами рӯ ба дар дӯст намудем

کز دیر و حرم رو به در دوست نمودم

То бар сари бозори ғамаши пои ниҳодам

تا بر سر بازار غمش پای نهادم

Не ҳамаст ва на андешаи судам

نی هم است و نه اندیشهٔ سودم

Брҳондаҳи марои ишқи ҳам аз дайн ва ҳам аз куфр

برهانده مرا عشق هم از دین و هم از کفر

Осӯдаи зи ойини мусулмону яҳудам

آسوده ز آیین مسلمان و یهودم

эй кош ки бар домани ноз ту нишнид

ای کاش که بر دامن ناز تو نشنید

Он рӯз ки бар бод равад хоки вуҷӯдам

آن روز که بر باد رود خاک وجودم

Сафҳои малоики ҳама дар олам рашканд

صف های ملائک همه در عالم رشکند

То шуд хами абрӯии ту миҳроби суҷудам

تا شد خم ابروی تو محراب سجودم

Фориғ шудам аз фикри парокандаи фурӯғӣ

فارغ شدم از فکر پراکنده فروغی

То ранги зи ойӣнаи дил пок задудам

تا رنگ ز آیینهٔ دل پاک زدودم