Назр кардамгар зи дасти меҳнат ҳиҷрон намирам
نذر کردم گر ز دست محنت هجران نمیرم
Остонатро бабўсам , остинатро бигирам
آستانت را ببوسم، آستینت را بگیرم
На ба ҷузи номи лаби лаъли ту зикрӣ бар забонам
نه به جز نام لب لعل تو ذکری بر زبانم
На ба ҷузи ёди сари зулфи ту фикрӣ дар замирам
نه به جز یاد سر زلف تو فکری در ضمیرم
Дар ҳамаи мулкии бузургами ман ки дар дастати забунам
در همه ملکی بزرگم من که در دستت زبونم
Дар ҳамаи шаҳрии азизами ман ки дар чашмати ҳақирам
در همه شهری عزیزم من که در چشمت حقیرم
Хусрави малики ҷаҳонами ман ки дар ҷанбати ғуломам
خسرو ملک جهانم من که در جنبت غلامم
Хоҷаи озодагонами ман ки дар бандати асирам
خواجهٔ آزادگانم من که در بندت اسیرم
Ошнои қдсёнми ман ки дар Кувайти ғарибам
آشنای قدسیانم من که در کویت غریبم
Подшоҳи ломаконами ман ки дар маликати фақирам
پادشاه لامکانم من که در ملکت فقیرم
Сарфарозӣ мекунам вақте ки бинавозӣ ба теғам
سرفرازی میکنم وقتی که بنوازی به تیغم
Кӯси ъушрат май занами рӯзӣ ки брдўзӣ ба тирам
کوس عشرت میزنم روزی که بردوزی به تیرم
То ту фармон май диҳии ман бандаи хидматгузорам
تا تو فرمان میدهی من بندهٔ خدمتگزارم
То ту ошиқ май кашии ман куштаи миннат пазирам
تا تو عاشق میکشی من کشتهٔ منت پذیرم
Дайр май ое ба маҳфил , май рӯй зуд аз тағофул
دیر میآیی به محفل، میروی زود از تغافل
Охир эй ширини шамоил май кашии зини зуду дайрам
آخر ای شیرین شمایل میکشی زین زود و دیرم
Дар гулистонӣ ки гирад даст ҳар перии ҷавонӣ
در گلستانی که گیرد دست هر پیری جوانی
эй ҷавони сарви боло дастгирӣ кун ки перам
ای جوان سرو بالا دستگیری کن که پیرم
Дард ҳар касро ки бинӣ дар ҳақиқат чора дорад
درد هر کس را که بینی در حقیقت چاره دارد
Ман зи ишқат бо ҳамаи дардӣ ки дорам ногузирам
من ز عشقت با همه دردی که دارم ناگزیرم
Меҳру моҳашро фалак дар сад ҳазорон пардаи пӯшад
مهر و ماهش را فلک در صد هزاران پرده پوشد
Гар ниқоб аз чеҳра бардораднигор бе назирам
گر نقاب از چهره بردارد نگار بینظیرم
То фурӯғи талъати он моҳро дидам фурӯғӣ
تا فروغ طلعت آن ماه را دیدم فروغی
Ишқ фориғ кардааст аз тобиши меҳри мунирам
عشق فارغ کرده است از تابش مهر منیرم