Ҳар куҷо дам задам аз чашми бути Кашмӣрам
هر کجا دم زدم از چشم بت کشمیرم
Хӯни мардум ҳама гардид гиребони гирам
خون مردم همه گردید گریبان گیرم
Ганҷҳо ҷустаам аз файзи харобӣ эй кош
گنج ها جستهام از فیض خرابی ای کاش
Он ки карда сети харобам , бикунади таъмирам
آن که کردهست خرابم، بکند تعمیرم
Агар обам назанӣ оташи хирмани сӯзам
اگر آبم نزنی آتش خرمن سوزم
Вар хамӯшам накунӣ шуълаи олами гирам
ور خموشم نکنی شعلهٔ عالمگیرم
Аз сари кӯии ҷунуни наъра занон ме оем
از سر کوی جنون نعرهزنان میآیم
Кӯи сари зулфи ту омода кунад занҷирам
گو سر زلف تو آماده کند زنجیرم
Бахти баргаштаи ман байн ки ба майдони умед
بخت برگشتهٔ من بین که به میدان امید
Хами абрӯӣ ту нанавохт ба як шамшерам
خم ابروی تو ننواخت به یک شمشیرم
Нарм хоҳам дили сангини туро то чаҳ кунад
نرم خواهم دل سنگین تو را تا چه کند
Гиря бо асару нола бе таъсиам
گریهٔ با اثر و نالهٔ بیتاثیرم
Гар ба ишқ ту кунам даъвии дили сӯхтагӣ
گر به عشق تو کنم دعوی دل سوختگی
наме тавон сӯз маро ёфтан аз тақрирам
میتوان سوز مرا یافتن از تقریرم
Чун маро май кашӣ аз чраҳи барандози ниқоб
چون مرا میکشی از چهره برانداز نقاب
То хилоиқ ҳама донанд ки бе тақсирам
تا خلایق همه دانند که بیتقصیرم
Дӯш бо зулфи баланди ту фурӯғӣ ме гуфт
دوش با زلف بلند تو فروغی میگفت
Дгариро ба каманди ор ки ман нахҷӣрам
دگری را به کمند آر که من نخجیرم