Ғофили гузаштӣ аз дили умедвори ман

غافل گذشتی از دل امیدوار من

Расвоӣ агар чунин гузарад рӯзгори ман

رسوای اگر چنین گذرد روزگار من

Имшаб ба базми ханда бе ихтиёри ту

امشب به بزم خندهٔ بی اختیار تو

Афзӯн намӯд гиря бе ихтиёри ман

افزون نمود گریه بی اختیار من

Ман нестам ҳарифи ту бо садҳазори дил

من نیستم حریف تو با صدهزار دل

Каз як киришма май шикании садҳазори ман

کز یک کرشمه می‌شکنی صدهزار من

Як умрро ба рӯзаи басар бардаам магар

یک عمر را به روزه بسر برده‌ام مگر

Рӯзӣ лабат расад ба лаби рӯзаи дори ман

روزی لبت رسد به لب روزه‌دار من

Дар зулф беқарор ту бошад қарори дил

در زلف بی قرار تو باشد قرار دل

Бар як қарор нест дил бе қарори ман

بر یک قرار نیست دل بی قرار من

Киштии маро ва то сар хокам наомадӣ

کشتی مرا و تا سر خاکم نیامدی

Оҳ аз сиёҳи бахтии хоки мазори ман

آه از سیاه‌بختی خاک مزار من

Гӯйанд аз он нигоҳ наоне чаҳ дида Эй

گویند از آن نگاه نهانی چه دیده‌ای

Пайдост он чаҳ дидаам аз хоки зори ман

پیداست آن چه دیده‌ام از خاک زار من

Бахти сиёҳи байн ки ду чашмам сифед шуд

بخت سیاه بین که دو چشمم سفید شد

Дар кори гиря эй ки наомад ба кори ман

در کار گریه‌ای که نیامد به کار من

Рӯзу шабӣ ки мояи чандин уқубат аст

روز و شبی که مایهٔ چندین عقوبت است

Рӯз қиёматасту шаби интизори ман

روز قیامت است و شب انتظار من

Сар то қадами киришма ва нозасту дилбарӣ

سر تا قدم کرشمه و ناز است و دلبری

Шоҳини тези панҷаи ошиқи шикори ман

شاهین تیز پنجهٔ عاشق شکار من

Он бахтам аз куҷост фурӯғӣ ки рӯзгор

آن بختم از کجاست فروغی که روزگار

Рӯзӣ кунад нишеман ӯ дар канори ман

روزی کند نشیمن او در کنار من