Гуфтам ки чист роҳзани ақлу дайни ман
گفتم که چیست راهزن عقل و دین من
Гуфто ки чини зулфу хати анбарин ман
گفتا که چین زلف و خط عنبرین من
Гуфтам ки аломони зи дами оташини ман
گفتم که الامان ز دم آتشین من
Гуфто ки алҳзри зи дили оҳанӣни ман
گفتا که الحذر ز دل آهنین من
Гуфтам ки тарафи домани давлат ба даст кист
گفتم که طرف دامن دولت به دست کیست
Гуфто ба дасти он ки гирифт остини ман
گفتا به دست آن که گرفت آستین من
Гуфтам ки имтиҳони саодат ба ком кист
گفتم که امتحان سعادت به کام کیست
Гуфто ки коми он ки бабўсад замини ман
گفتا که کام آن که ببوسد زمین من
Гуфтам ки бахт нек бигӯ ҳам қарин кист
گفتم که بخت نیک بگو هم قرین کیست
Гуфтои қарини он ки шавад ҳам нишин ман
گفتا قرین آن که شود هم نشین من
Гуфтам ки баҳри чоки гиребон субҳ чист
گفتم که بهر چاک گریبان صبح چیست
Гуфтои зи рашки тобиши субҳи ҷабини ман
گفتا ز رشک تابش صبح جبین من
Гуфтам ки аз чаҳ хоҷа анҷум шуд офтоб
گفتم که از چه خواجهٔ انجم شد آفتاب
Гуфтои зи бандагии рухи нозанини ман
گفتا ز بندگی رخ نازنین من
Гуфтам ки соҳирии з ки омухти сомрӣ
گفتم که ساحری ز که آموخت سامری
Гуфтои зи чашми кофари саҳари офарини ман
گفتا ز چشم کافر سحر آفرین من
Гуфтам куҷост маскани дилҳои бе қарор
گفتم کجاست مسکن دلهای بی قرار
Гуфто ки ҷаъди хам ба хами чин ба чини ман
گفتا که جعدِ خم به خمِ چین به چینِ من
Гуфтам ҳавои чашмаи кавсар ба сар марост
گفتم هوای چشمهٔ کوثر به سر مراست
Гуфто ки шармӣ аз лаби пари ангабини ман
گفتا که شرمی از لب پر انگبین من
Гуфтам кадоми дил ба ғамат хуррамӣ нахост
گفتم کدام دل به غمت خرمی نخواست
Гуфтои дили фурӯғии андӯҳгини ман
گفتا دل فروغی اندوهگین من