Хатат дамид аз асари дӯди оҳи мо

خطت دمید از اثر دود آه ما

Шуд оҳи мо натиҷаи рӯзи сиёҳи мо

شد آه ما نتیجه روز سیاه ما

Моро ба ҷурми ишқ ту киштанд мункирон

ما را به جرم عشق تو کشتند منکران

Сармоя савоб шуд охири гуноҳи мо

سرمایهٔ ثواب شد آخر گناه ما

Мо хӯни баҳои хеш нахоҳем рӯзи ҳашар

ما خون‌بهای خویش نخواهیم روز حشر

Гар боз бар ҷамол ту уфтад нигоҳи мо

گر باز بر جمال تو افتد نگاه ما

Шоҳид зарур нест шаҳидони ишқ ро

شاهد ضرور نیست شهیدان عشق را

Гӯи ҳеҷ дам мазан зи шаҳодати гувоҳи мо

گو هیچ دم مزن ز شهادت گواه ما

Қонеъ шудам ба ним нигаҳи лекин аз ғурур

قانع شدم به نیم نگه لیکن از غرور

Мушкил назар кунад ба гадои подшоҳи мо

مشکل نظر کند به گدا پادشاه ما

Чашмаши назар ба ҳолати дил хастагон накард

چشمش نظر به حالت دل‌خستگان نکرد

ё раб касе мабод ба ҳоли табоҳи мо

یا رب کسی مباد به حال تباه ما

Гуфтам ки чист силсилаи ҷунбони фитна , гуфт

گفتم که چیست سلسله جنبان فتنه، گفت

Марӣ ки хуфтааст ба зери кулоҳи мо

ماری که خفته است به زیر کلاه ما

Гуфтам ки оби дидаи мо чоҳ ме шавад

گفتم که آب دیده ما چاه می‌شود

Гуфто агар ба дидаи кашии хоки роҳи мо

گفتا اگر به دیده کشی خاک راه ما

Доне ки чист нири аъзами Фрўғё

دانی که چیست نیر اعظم فروغیا

Камтари фурӯғи талъати тобандаи моҳи мо

کمتر فروغ طلعت تابنده ماه ما

Хониш
ғзл шморҳ 46 — ъндлӣб