Ёр бе пардаи камари баст ба расвои мо
یار بی پرده کمر بست به رسوایی ما
Мо тамошое ӯ , халқи тамошоеи мо
ما تماشایی او ، خلق تماشایی ما
Қомат афрӯхта мерафт ва ба шухӣ ме гуфт
قامت افراخته میرفت و به شوخی میگفت
Ки бутии чеҳраи ниФрўхт ба зебои мо
که بتی چهره نیفروخت به زیبایی ما
ӯ зи мо фориғ ва мо толиб ӯ дар ҳамаи ҳол
او ز ما فارغ و ما طالب او در همه حال
Худ псндидн ӯ бингару хўдроиии мо
خود پسندیدن او بنگر و خودرایی ما
Қатли худро ба дами теғи муҳаббати дидем
قتل خود را به دم تیغ محبت دیدیم
Гӯи адуи кӯри шӯ аз ҳасрати бенаии мо
گو عدو کور شو از حسرت بینایی ما
Ҷон биёсуд ба як зарбати қотили мо ро
جان بیاسود به یک ضربت قاتل ما را
Яъне аз умри ҳамин буд тани осоеи мо
یعنی از عمر همین بود تن آسایی ما
Ҳолиё маст ва харобем зи кайфияти ишқ
حالیا مست و خرابیم ز کیفیت عشق
Пас аз ин то чаҳ расад бар сари савдоеи мо
پس از این تا چه رسد بر سر سودایی ما
Ҳар куҷои ҷом май он кӯдак хандон бахшад
هر کجا جام میآن کودک خندان بخشد
Бодаи гӯ пок башу дафтари донои мо
باده گو پاک بشو دفتر دانایی ما
Нақди дунё ба баҳоии лаби соқии додем
نقد دنیا به بهای لب ساقی دادیم
То куҷо сарф шавад мояи ъқбоиии мо
تا کجا صرف شود مایهٔ عقبایی ما
Шаби мо то ба қиёмат нашавад рӯз , ки ҳаст
شب ما تا به قیامت نشود روز، که هست
Пардаи рӯзи қиёмати шаби танҳои мо
پردهٔ روز قیامت شب تنهایی ما
Магараши зулфи ту занҷири намояди вар на
مگرش زلف تو زنجیر نماید ور نه
Дар ҳама шаҳр нагунҷад дили саҳройии мо
در همه شهر نگنجد دل صحرایی ما
Дили з васлат натавон кунад , бҳл то бикунад
دل ز وصلت نتوان کند، بهل تا بکند
Сайли ҳиҷрони ту бунёди шикебеи мо
سیل هجران تو بنیاد شکیبایی ما
Нотавони чашми ту бар басти фурӯғиро даст
ناتوان چشم تو بر بست فروغی را دست
Варна кӣ хостаҳи мардӣ ба тавонои мо
ورنه کی خاسته مردی به توانایی ما