Зираи зи зулфи гиреҳи гир бар танаст ту ро
زره ز زلف گره گیر بر تن است تو را
Ба рӯзи разм чаҳ ҳоҷат ба ҷавшанаст ту ро
به روز رزم چه حاجت به جوشن است تو را
Сазостгар сафи таркон ба икдгри шиканӣ
سزاست گر صف ترکان به یکدگر شکنی
Ки сафи шикани мижаи лашгар афканаст ту ро
که صف شکن مژهٔ لشگر افکن است تو را
Тавон шинохтан аз чашми масти кофари ту
توان شناختن از چشم مست کافر تو
Ки хӯни ноҳақи мардум ба гарданаст ту ро
که خون ناحق مردم به گردن است تو را
Чигуна рӯзи ҷазои доманат ба дасти орм
چگونه روز جزا دامنت به دست آرم
Ки дасти халқи ду олам ба доманаст ту ро
که دست خلق دو عالم به دامن است تو را
Ба дӯстии ту бо олимӣ шудам душман
به دوستی تو با عالمی شدم دشمن
Чаҳ душманӣ аст надонам ки бо манаст ту ро
چه دشمنی است ندانم که با من است تو را
Дилами шикастӣу чашм аз ду оламами бастӣ
دلم شکستی و چشم از دو عالمم بستی
Ду зулфи пуршикану чашми пар фанаст ту ро
دو زلف پرشکن و چشم پر فن است تو را
Ба сояи ту хушам эй эй заррини бол
به سایهٔ تو خوشم ای همای زرین بال
Ки бар санавбари дилҳо нишеманаст ту ро
که بر صنوبر دلها نشیمن است تو را
Куҷои зи васли ту қатъи назари тавон кардан
کجا ز وصل تو قطع نظر توان کردن
Ки дар миёни дилу дида масканаст ту ро
که در میان دل و دیده مسکن است تو را
Чисони матоъи дилу дайн мардумон набарӣ
چسان متاع دل و دین مردمان نبری
Ки чашми кофару мижгон раҳзанаст ту ро
که چشم کافر و مژگان رهزن است تو را
зи бахти тира фурӯғӣ бидон ки дам назанад
ز بخت تیره فروغی بدان که دم نزند
Ки тираи бахтии ушшоқ равшанаст ту ро
که تیره بختی عشاق روشن است تو را