Бишинав эй тозаи ғизоли ин ғазали тозаи шоҳ
بشنو ای تازه غزال این غزل تازهٔ شاه
То шавад хуши дилӣ ҳар ду ҷаҳони ҳосили ту
تا شود خوشدلی هر دو جهان حاصل تو
Дар азал чун бисириштанд млоики гули ту
در ازل چون بسرشتند ملایک گل تو
Ҳайф ва сад ҳайф ки карданд чу оҳани дили ту
حیف و صد حیف که کردند چو آهن دل تو
Ҳама ҷое ва ндонем куҷое эй дӯст
همه جایی و ندانیم کجایی ای دوست
Ҳеҷ кас по наниҳода сет ба сари манзили ту
هیچ کس پا ننهادهست به سر منزل تو
Дили ушшоқ ба умеди висоли ту хуш аст
دل عشاق به امید وصال تو خوش است
Раҳ надоранд ба ҷое ба ҷуз аз маҳфили ту
ره ندارند به جایی به جز از محفل تو
Ҳар куҷо рӯ кунӣ эй дӯсти ҳамаи муштоқон
هر کجا رو کنی ای دوست همه مشتاقان
Ҳам чу маҷнӯн бадванд аз ақаби маҳмили ту
هم چو مجنون بدوند از عقب محمل تو
Дӯши пеши даҳанати мушкили худро гуфтам
دوش پیش دهنت مشکل خود را گفتم
Гуфт каз танагӣ ҳал менашавад мушкили ту
گفت کز تنگی حل می نشود مشکل تو
Ақл дар чораи савдои ту бечора бимонад
عقل در چارهٔ سودای تو بی چاره بماند
Вақт онаст ки девона шавад оқили ту »
وقت آن است که دیوانه شود عاقل تو»