Бози ин лутф чаҳ лутфаст ки дар табъ ҳавост

باز این لطف چه لطف است که در طبع هواست

Вена чаҳ файз фараҳ афзост ки дар сайр сабост

وین چه فیض فرح افزاست که در سیر صباست

Ончӣ фасласт таҳрики насими саҳарӣ

آنچه فصل است تحریک نسیم سحری

Ҳамаи ҷои файзи расону ҳамаро рӯҳи Фзост

همه جا فیض رسان و همه را روح فزاست

Равиши абр бар авроқи гавҳари рез

روش ابر بر اوراق گوهر ریز

Ҷунбиши бод бар атрофи чаман ғолия сост

جنبش باد بر اطراف چمن غالیه ساست

Агар дида дил ҳаст қадам на дар боғ

اگر دیده دل هست قدم نه در باغ

Ҳуққаи ғунчаи бадасти ор ки пари шаҳд ва шифост

حقه غنچه بدست آر که پر شهد و شفاست

Сайр саҳрост кунун салтанат рӯй замин

سیر صحراست کنون سلطنت روی زمین

Сояи абри баҳри сар ки фитад зилл ҳумост

سایه ابر بهر سر که فتد ظل هماست

Ғунчаро нутқи фурӯи баста ва роҳӣ дорад

غنچه را نطق فرو بسته و راهی دارد

Ки бшкронаҳи тавфиқ тароват гуёст

که بشکرانه توفیق طراوت گویاست

Сабза бо онкӣ хамӯшаст забонӣ дорад

سبزه با آنکه خموشست زبانی دارد

Ки зи кайфияти осори нъм нукта сарост

که ز کیفیت آثار نعم نکته سراست

Дӯш рафтам бчмни баҳр тамошо дидам

دوش رفتم بچمن بهر تماشا دیدم

Асари баҳҷатӣ аз ранг раёҳин пайдост

اثر بهجتی از رنگ ریاحین پیداست

Ғунча мекард пар аз бодаи шабнами мино

غنچه می کرد پر از باده شبنم مینا

Лола май шасти қадаҳи базм тараб ме орост

لاله می شست قدح بزم طرب می آراست

Оташи гули зи дили мурғ чаман дошт кабоб

آتش گل ز دل مرغ چمن داشت کباب

Ҳар тарафи нағмае аз фохтае бармеи хост

هر طرف نغمه ای از فاخته ای برمی خواست

Ман шудам моили он базм вале дил нагузошт

من شدم مایل آن بزم ولی دل نگذاشت

Ман шудам толиби он ҷамъ вале табъ нахост

من شدم طالب آن جمع ولی طبع نخواست

Ки чаро . . . Базми фано бояд буд

که چرا . . . بزم فنا باید بود

Ин на базми фараҳи афзой вале неъмати мост

این نه بزم فرح افزای ولی نعمت ماست

Он вале неъмати вофеи қалами софии дил

آن ولی نعمت وافی قلم صافی دل

Ки май маҷлисаш аз майкада файз бақост

که می مجلسش از میکده فیض بقاست

ӯст имрӯз ки рӯй сухани халқи бовест

اوست امروز که روی سخن خلق باوست

ӯст имрӯз ки мизони фунуни Фсҳост

اوست امروز که میزان فنون فصحاست

Ҳамчуи номаи ҳамаро қади паии таъзимаши хам

همچو نامه همه را قد پی تعظیمش خم

Ҳамчуи хомаи ҳамаро кор ба тадбираши рост

همچو خامه همه را کار به تدبیرش راست

Мазҳари раҳмати ҳақи ҳазрати абдураҳмон

مظهر رحمت حق حضرت عبدالرحمان

Ки гули фитраташ аз гулшан тавфир вафост

که گل فطرتش از گلشن توفیر وفاست

эй гиронмоя дар баҳри саодат ки туро

ای گرانمایه در بحر سعادت که ترا

Корсози ҳамаи соъати асар файз сахост

کارساز همه ساعت اثر فیض سخاست

Лолаи ғарқаи бхўнми ману базми тарабат

لاله غرقه بخونم من و بزم طربت

Гулшани айши нишоту чамани завқ ва сафост

گلشن عیش نشاط و چمن ذوق و صفاست

Омадами доғи дилу чоки гиребонами байн

آمدم داغ دل و چاک گریبانم بین

Чора кун ки зи барқи ситам ва даст ҷафост

چاره کن که ز برق ستم و دست جفاست

Ду се рӯзам ба наму файзи назари хуррами дор

دو سه روزم به نم و فیض نظر خرم دار

Ки баҳри соли ду се рӯз маро нашав ва намост

که بهر سال دو سه روز مرا نشو و نماست

Срўрои биғм ва андӯҳ набӯдаст дамӣ

سرورا بیغم و اندوه نبودست دمی

То фузулии з дарат чун ғам ва андӯҳ ҷудост

تا فضولی ز درت چون غم و اندوه جداست

Чун наёяд сӯии базми тарабат чун ӯ ро

چون نیاید سوی بزم طربت چون او را

Ҳаст маълум ки дарди ҳамаро аз ту давост

هست معلوم که درد همه را از تو دواست

Ҳаст умед ки то баҳри чамани ороӣ

هست امید که تا بهر چمن آرایی

Абр бар сунбулу насрину саман ғолия сост

ابر بر سنبل و نسرین و سمن غالیه ساست

Муттасил аз асари файз дуоят ёбад

متصل از اثر فیض دعایت یابد

Коми дил ҳар ки турои ҳамчуи ман аз аҳл дуост

کام دل هر که ترا همچو من از اهل دعاست