Бтҳрики ҳавои барги рузон дар боғ резон шуд

بتحریک هوا برگ رزان در باغ ریزان شد

Баҳри сӯи сафҳаи баҳри хати сабзаи зар афшон шуд

بهر سو صفحه بهر خط سبزه زر افشان شد

Бмўҷи гулшану барги дарахт аз гирдбоди ғам

بموج گلشن و برگ درخت از گردباد غم

Нишаста буд гардии сари басари шаста баборон шуд

نشسته بود گردی سر بسر شسته بباران شد

Магари бод аз баҳор оварад пайғомӣ ки шохи гул

مگر باد از بهار آورد پیغامی که شاخ گل

зи барги он рахти зари бФт ки . . . Ан шуд

ز برگ آن رخت زر بفت که . . .ان شد

зи ваии сими фаровон шукуфа шуд ниҳони ҳоло

ز وی سیم فراوان شکوفه شد نهان حالا

Хазон бикшод бар олами хазонаи зар фаровон шуд

خزان بگشاد بر عالم خزانه زر فراوان شد

зи саҳрои нозанинони ҷониби хилват ҳавас карданд

ز صحرا نازنینان جانب خلوت هوس کردند

Бхлўти мавсими бӯси канор нозанинон шуд

بخلوت موسم بوس کنار نازنینان شد

Шабистон ёфт зинат аз чароғи соғару соқӣ

شبستان یافت زینت از چراغ ساغر و ساقی

Ба сарву лолау гул бетакаллуф ба з бустон шуд

به سرو و لاله و گل بی تکلف به ز بستان شد

Хуши он ориф ки дар ганҷи фароғат инчунин фаслӣ

خوش آن عارف که در گنج فراغت اینچنین فصلی

Ҳамаи душворҳои шиддати дай бар вай осон шуд

همه دشوارهای شدت دی بر وی آسان شد

Хазон ӯро барои айши хуштар аз баҳор омад

خزان او را برای عیش خوشتر از بهار آمد

Накард андеша дар хотираши раҳ кин нашуд он шуд

نکرد اندیشه در خاطرش ره کین نشد آن شد

Даруни хилватӣ бо шамъ ва мебарадаст коми дил

درون خلوتی با شمع و می بردست کام دل

Бъинаҳ бар мисоли лаъли кони парварда кон шуд

بعینه بر مثال لعل کان پرورده کان شد

Наомад чун гул аз хилвати сар аз беруни нигари Андам

نیامد چون گل از خلوت سر از بیرون نگر آندم

Ки гуфтанд абри Нитсаон боз бар гулшан дар афшон шуд

که گفتند ابر نیسان باز بر گلشن در افشان شد

Баҳор омад риёзи даҳри рашки боғ ризвон шуд

بهار آمد ریاض دهر رشک باغ رضوان شد

Раёҳин сар зад аз ҳар гӯшаи олам гулистон шуд

ریاحین سر زد از هر گوشه عالم گلستان شد

Чакид аз барги гули шабнами зи дилҳо шасти гирди ғам

چکید از برگ گل شبنم ز دلها شست گرد غم

Дарахти гул чу хубон дар фишон аз лаъл хандон шуд

درخت گل چو خوبان در فشان از لعل خندان شد

Хазони даст тасаллут баркашид аз ғорати гулшан

خزان دست تسلط برکشید از غارت گلشن

Гул аз рӯй адолат бар сарири адл султон шуд

گل از روی عدالت بر سریر عدل سلطان شد

Ҳаво аз шохи гул ҳар ҳуққаи сарбастаи ғунча

هوا از شاخ گل هر حقه سربسته غنچه

Ки бардаи барад боз оварад аз карда пушаймон шуд

که برده برد باز آورد از کرده پشیمان شد

Либоси гӯнаи гавани пӯшидаи олам аз гулу сабза

لباس گونه گون پوشیده عالم از گل و سبزه

Бар ойинӣ ки гуё куҳнаи габрии нав мусулмон шуд

بر آیینی که گویا کهنه گبری نو مسلمان شد

Сабои ойӣнаи сабзаи сабзаи ойин гулистон аст

صبا آیینه سبزه سبزه آیین گلستان است

Саман бар ҷилваи гул гул бирақс сарв ҳайрон шуд

سمن بر جلوه گل گل برقص سرو حیران شد

Ки гулро ҳаст по бар хор ва дорад сарви по дар гул

که گل را هست پا بر خار و دارد سرو پا در گل

Чаҳ шуд он як чунон ҷанбед ва ин як чун хиромон шуд

چه شد آن یک چنان جنبید و این یک چون خرامان شد

Фурӯзони гашт ҳар сӯ аз шақоӣқи минқали оташ

فروزان گشت هر سو از شقایق منقل آتش

Бидон оташи зи олами дафъи сармоӣ зимистон шуд

بدان آتش ز عالم دفع سرمای زمستان شد

Бсҳро хайма заду зи харгаҳи ғунча бурун шуд гул

بصحرا خیمه زد و ز خرگه غنچه برون شد گل

Гузашти айёми хилвати мавсими сайр гулистон шуд

گذشت ایام خلوت موسم سیر گلستان شد

Сеӣ қадӣ ки аз бими ҳавои шамъи шабистон буд

سهی قدی که از بیم هوا شمع شبستان بود

Хиромони ҳамчуи сарвии сӯии бустон аз шабистон шуд

خرامان همچو سروی سوی بستان از شبستان شد

Биравӣ сабзатар донаи донаи қатраи шабнам

بروی سبزه تر دانه دانه قطره شبنم

Фитоду зеби фирӯзаи ҳамаи дарҳои ғалатон шуд

فتاد و زیب فیروزه همه درهای غلطان شد

Бар омад булбули ширини забон бар минбари гулбун

بر آمد بلبل شیرین زبان بر منبر گلبن

Хатиби хутбаи айёми шоҳаншоҳ даврон шуд

خطیب خطبه ایام شاهنشاه دوران شد

Шаҳаншоҳӣ ки зикраши мӯниси аҳл ҷаҳон омад

شهنشاهی که ذکرش مونس اهل جهان آمد

Насими равзаи меҳраши баҳори гулшан ҷон шуд

نسیم روضه مهرش بهار گلشن جان شد

Баннои ҳимматаши сайдии миёни ҳақу ботили баст

بنای همتش صیدی میان حق و باطل بست

Тариқи тоъаташи ҳаддии миёни куфр ва имон шуд

طریق طاعتش حدی میان کفر و ایمان شد

Ҳамаи вайронаи маъмури гашт аз файзи адл ӯ

همه ویرانه معمور گشت از فیض عدل او

Ҳамин аз дасти ҷўдши золимони ганҷ вайрон шуд

همین از دست جودش ظالمان گنج ویران شد

Парешоне олам кард азуи ҷамъиятии ҳосил

پریشانی عالم کرد ازو جمعیتی حاصل

Ҳамин гесуии ҷамъии маҳвашон бар рух парешон шуд

همین گیسوی جمعی مهوشان بر رخ پریشان شد

Бар афтод ончунон дар давр ӯ бедод аз олам

بر افتاد آنچنان در دور او بیداد از عالم

Ки ошиқ низ фориғ аз ҷафоу ҷавр ҷонон шуд

که عاشق نیز فارغ از جفا و جور جانان شد

Асос аз давлат ӯ кард меъмори қазои рӯзӣ

اساس از دولت او کرد معمار قضا روزی

Ки бонии баннои шаш ҷаҳоту чор арқон шуд

که بانی بنای شش جهات و چار ارکان شد

Бурузи разми он шоҳӣ ки теғу тири длдўзш

بروز رزم آن شاهی که تیغ و تیر دلدوزش

Чу об ва чун сабо ҳар гуҳи чамани орой майдон шуд

چو آب و چون صبا هر گه چمن آرای میدان شد

Дили бадхоҳи пари хӯни гашту ҷисми хасми пари пайкон

دل بدخواه پر خون گشت و جسم خصم پر پیکان

Гулӣ дар ғунчау ғунча дар хор пинҳон шуд

گلی در غنچه و غنچه در خار پنهان شد

Замони базми базмаши биҳиштӣ ме тавон гуфтан

زمان بزم بزمش بهشتی می توان گفتن

Ки ҷомаши слсбилу соқёни баси ҳур ва ғулмон шуд

که جامش سلسبیل و ساقیان بس حور و غلمان شد

Аё шоҳи Фаридуни бахти нури иқболи силами ойин

ایا شاه فریدون بخت نور اقبال سلم آیین

Ки ӯ софи ту чун рустами баҳр ҷо рафт дастон шуд

که او صاف تو چون رستم بهر جا رفت دستان شد

Туро шуд рости кор аз ростӣ ӯ сидқи хасмат ро

ترا شد راست کار از راستی او صدق خصمت را

Сабаб бар сустии иқбол ва сустӣҳои паймон шуд

سبب بر سستی اقبال و سستیهای پیمان شد

Басони партави хуршед ҳар ҷониб ки рӯ кардӣ

بسان پرتو خورشید هر جانب که رو کردی

Адуии тираи бахт аз пеш чун соя гурезон шуд

عدوی تیره بخت از پیش چون سایه گریزان شد

Туро аз ақтдии шаръи файз давлат боқӣаст

ترا از اقتدی شرع فیض دولت باقیست

Насиб ҳар ки бошад перу ҳзри об ҳайвон шуд

نصیب هر که باشد پیر و حضر آب حیوان شد

Фалакро рафт аз ҳайрати Аннани ихтиёр аз каф

فلک را رفت از حیرت عنان اختیار از کف

Турои ҳргаҳ ки дашти Рахши паймои гарм ҷавлон шуд

ترا هرگه که دشت رخش پیما گرم جولان شد

Худовандо фузулии булбулӣ буд аз сухани монда

خداوندا فضولی بلبلی بود از سخن مانده

БФизи нави баҳори ъзу иқболати хуш алҳон шуд

بفیض نو بهار عز و اقبالت خوش الحان شد

Бадаргоҳи ту рӯ оварад шуд аз ғайри мустағнӣ

بدرگاه تو رو آورد شد از غیر مستغنی

Фақирӣ бар сар хон халили аллоҳ меҳмон шуд

فقیری بر سر خوان خلیل الله مهمان شد

Чунин умед дорам кони чунон ман ҳам шавам аз ту

چنین امید دارم کان چنان من هم شوم از تو

Ки аз Маҳмӯди Фирдавсӣу султони вис салмон шуд

که از محمود فردوسی و سلطان ویس سلمان شد

Диҳад мадҳи ту назмамроу назм ман шавад шӯҳрат

دهد مدح تو نظمم را و نظم من شود شهرت

Ки ҳар кас ҳаст аз файзи сухани машҳур даврон шуд

که هر کس هست از فیض سخن مشهور دوران شد