Равшанаст аз сурхӣ рӯй шафақ бар аҳли ҳол

روشنست از سرخی روی شفق بر اهل حال

Ин ки ӯро ҳаст дар дили зарра аз меҳри ҳол

این که او را هست در دل ذره از مهر حال

Ҳар ки меҳри чордаҳ маъсӯм дорад комил аст

هر که مهر چارده معصوم دارد کامل است

Ҳаст моҳи чордаҳро ҳам азон меҳри ин камол

هست ماه چارده را هم ازان مهر این کمال

Нест даври чархи ҷуз бар мнҳҷи аснои ъушр

نیست دور چرخ جز بر منهج اثنا عشر

Зоҳираст ин маънӣ аз вифқи ҳисоби моҳу сол

ظاهر است این معنی از وفق حساب ماه و سال

Ҳар шаҳаншоҳӣ ки дорад сидқ бо оли алӣ

هر شهنشاهی که دارد صدق با آل علی

Дар низоми малик ӯ роҳӣ надорад ихтилол

در نظام ملک او راهی ندارد اختلال

Ҳар сарафрозӣ ки бошад бандаи ин хонадон

هر سرافرازی که باشد بنده این خاندان

Офтоби давлат ӯро намебошад завол

آفتاب دولت او را نمی باشد زوال

Зини саодати пари ҷамеъ сарварон дорад шараф

زین سعادت پر جمیع سروران دارد شرف

Хусрави одили дили фаррухи рухи фархундаи фол

خسرو عادل دل فرخ رخ فرخنده فال

Он шаҳаншоҳи баланди ахтар ки дар авҷи шараф

آن شهنشاه بلند اختر که در اوج شرف

Ахтари иқбол ӯ орӣаст аз айби вабол

اختر اقبال او عاریست از عیب وبال

Онкӣ аз рأФти саводи ҳинд дар айём ӯ

آنکه از رأفت سواد هند در ایام او

Он сафо дорад ки дар рухсораи маҳбӯби хол

آن صفا دارد که در رخساره محبوب خال

Онкӣ карда партави ҷоҳу ҷалолаши ҳинд ро

آنکه کرده پرتو جاه و جلالش هند را

Хуши намотар аз саводи нуқтаи ҷоҳу ҷалол

خوش نماتر از سواد نقطه جاه و جلال

Онкӣ дар ҳиндаст таъӣди басират дар савод

آنکه در هندست تأیید بصیرت در سواد

Мултафит бар ҳол ҳар кас аз ямин ва аз шимол

ملتفت بر حال هر کس از یمین و از شمال

Онкии товуси сафои рأиш аз Ҳиндӯстон

آنکه طاووس صفای رأیش از هندوستان

Бар сари суккони саҳн Карбало густард бол

بر سر سکان صحن کربلا گسترد بال

Онкии тӯтии трозномаҳ аш омад зи ҳинд

آنکه طوطی طرازنامه اش آمد ز هند

Шуд бдлдории суккони Наҷафи ширини мақол

شد بدلداری سکان نجف شیرین مقال

Онкии ҳам дар Карбалои ҳам дар Наҷафи худоам ро

آنکه هم در کربلا هم در نجف خدام را

Гар набӯдӣ лутф ӯ будӣ рифоҳяти маҳол

گر نبودی لطف او بودی رفاهیت محال

Онкии сяти ҷӯади олами гир ӯ чун хоки ҳинд

آنکه صیت جود عالم گیر او چون خاک هند

Бар салотини гири оламро сиёҳ аз инфеъол

بر سلاطین گیر عالم را سیاه از انفعال

Онкӣ дар таъзими аҳли албити дасти ҳимматаш

آنکه در تعظیم اهل البیت دست همتش

Дод шоҳони ҳама рӯй заминро гӯшмол

داد شاهان همه روی زمین را گوشمال

Онкӣ мушкил кард ихроҷи тасарруф бар мулӯк

آنکه مشکل کرد اخراج تصرف بر ملوک

Дар Ироқи эҳсон ӯ нагузошт арбоби савол

در عراق احسان او نگذاشت ارباب سؤال

Қутби дайни султони низоми алмалики дарёдил ки чарх

قطب دین سلطان نظام الملک دریادل که چرخ

Ҳаст ӯро банда дар гарданаши тавқи ҳилол

هست او را بنده در گردنش طوق هلال

Онкӣ бо хок дар шоҳи вилояти муттасил

آنکه با خاک در شاه ولایت متصل

Аз сафои сидқ ӯ хонӣаст ӯро иттисол

از صفای صدق او خانیست او را اتصال

Онкӣ ӯро қуббаи пурнур шоҳ Карбалост

آنکه او را قبه پرنور شاه کربلاست

Дар шабистони саодати шамъи фонӯси хаёл

در شبستان سعادت شمع فانوس خیال

Тобеъонро дода файзи рأФт ӯ сарварӣ

تابعان را داده فیض رأفت او سروری

Саракашонро карда дасти савлат ӯ поймол

سرکشان را کرده دست صولت او پایمال

Шуд зарафшони офтоби ҳимматаш дар хоки ҳинд

شد زرافشان آفتاب همتش در خاک هند

Дод ранги заъфарон бар суҳуфаи анбари мисол

داد رنگ زعفران بر صحفه عنبر مثال

Гашти хоки ҳинди зар ҳоло намеёбад касе

گشت خاک هند زر حالا نمی یابد کسی

Зарраи хоки сияҳ дар ҳинди баҳри актҳол

ذره خاک سیه در هند بهر اکتحال

Зари з ҳинд оварад ҳар каси баради хок аз Карбало

زر ز هند آورد هر کس برد خاک از کربلا

Халқро лутфаш намӯд ин роҳ дорад эҳтимол

خلق را لطفش نمود این راه دارد احتمال

Каз паии таъзими қадар ӯ бҳндстон кунад

کز پی تعظیم قدر او بهندستان کند

Андаки андаки Карбалоро арзи Бобули интиқол

اندک اندک کربلا را ارض بابل انتقال

эй дилати оинаи дори сӯрати файзи азал

ای دلت آینه دار صورت فیض ازل

Ваии замирати мазҳари осори лутфи лоязол

وی ضمیرت مظهر آثار لطف لایزال

Бас ки аз дарё гирифтӣ гавҳару пари сохтӣ

بس که از دریا گرفتی گوهر و پر ساختی

Рафт аз дасти карами домони ҳифзи аътлол

رفت از دست کرم دامان حفظ اعتلال

Талх комӣ нест ҷузи дарё кунун дар малики ҳинд

تلخ کامی نیست جز دریا کنون در ملک هند

Каз ту дар ойӣнаи табъаш буд гирди малол

کز تو در آیینه طبعش بود گرد ملال

Гар шавад ҳар қатра аз оби дарёи гавҳарӣ

گر شود هر قطره از آب دریا گوهری

Нест кофӣ бар атои он каф дарё навол

نیست کافی بر عطای آن کف دریا نوال

Срўрои маддоҳ шоҳ авлиёем мдтист

سرورا مداح شاه اولیایم مدتیست

Дар маноқиб кардаам сарфи сухани панҷоҳ сол

در مناقب کرده ام صرف سخن پنجاه سال

Бар саботи ман дарин даргоҳи олии ҳамчуи тоқ

بر ثبات من درین درگاه عالی همچو طاق

Гар набошад шоҳидии қади ду то кофӣаст дол

گر نباشد شاهدی قد دو تا کافیست دال

Доштами аҳд аз санои хусравони рӯзгор

داشتم عهد از ثنای خسروان روزگار

Аҳд ман бишикаст иқдоми ту бар ҳасани хисол

عهد من بشکست اقدام تو بر حسن خصال

Фарз шуд бар ман саноят лек бе баҳри тамаъ

فرض شد بر من ثنایت لیک بی بهر طمع

Баҳри кони афтодаи изҳори такаллумро маҷол

بهر کان افتاده اظهار تکلم را مجال

Лутфи дорӣ бар муҳибони алӣ ваа чу накунам

لطف داری بر محبان علی وه چو نکنم

Гар намегӯям саноят мешавам албата лол

گر نمی گویم ثنایت می شوم البته لال

Нақди гуфтори фузулии нақди мадҳ чун ту нест

نقد گفتار فضولی نقد مدح چون تو نیست

Гар нагӯяд нест завқ гуфт гӯ бар ваии ҳалол

گر نگوید نیست ذوق گفت گو بر وی حلال

То буд ҳар моҳи як навбат дар айвони уфуқ

تا بود هر ماه یک نوبت در ایوان افق

Осмони хуршеду маро ақди пайванди висол

آسمان خورشید و مه را عقد پیوند وصال

Аз ҳиҷоби ғайбат дар хилвати сарои салтанат

از حجاب غیبت در خلوت سرای سلطنت

Бар ту ҳар дами шоҳид фатҳӣ кунад арзи ҷамол

بر تو هر دم شاهد فتحی کند عرض جمال

Чашм он дорам ки чун хуоне кашад бар аҳли фақр

چشم آن دارم که چون خوانی کشد بر اهل فقر

Ходими лутфи ту бишуморади марои ҳам аз аёл

خادم لطف تو بشمارد مرا هم از عیال