Ки ёрб ин равиши омухт дар шафақи бҳлол

که یارب این روش آموخت در شفق بهلال

Ки кард икҷҳтӣ ва гирифт домани ол

که کرد یکجهتی و گرفت دامن آل

Дарин тариқаи аҳсан ба андаки айёмӣ

درین طریقه احسن به اندک ایامی

Басони давлати ол алӣ гирифт камол

بسان دولت آل علی گرفت کمال

Зиҳии эмоми мубину муқтадои инсу малик

زهی امام مبین و مقتدای انس و ملک

Ки даргааши ҳамаро ҳаст қиблаи омол

که درگهش همه را هست قبله آمال

Касе ки сояи оли алӣ паноҳаш нест

کسی که سایه آل علی پناهش نیست

Гар офтоб буд рӯй май наад бзўол

گر آفتاب بود روی می نهد بزوال

Шаҳӣ ки тавқ ғуломяш медиҳад ҳама ро

شهی که طوق غلامیش می دهد همه را

Амони бурузи ҷазо аз слосли ағлол

امان بروز جزا از سلاسل اغلال

Бзли олӣ ӯ ҳар ки илтиҷои набард

بظل عالی او هر که التجا نبرد

Чу соя мешавад аз пасти ҳимматии помол

چو سایه می شود از پست همتی پامال

Ҳимояташи зи раҳ адл метавонад баст

حمایتش ز ره عدل می تواند بست

Раҳи музоҳимати шамъ бар насими шимол

ره مزاحمت شمع بر نسیم شمال

Мҳобтши зи сар қаҳр метавонад кард

مهابتش ز سر قهر می تواند کرد

Расани бгрдни рустами зи тори мъҷри зол

رسن بگردن رستم ز تار معجر زال

Шҳо туе ки дарин ҷилваи гуҳи Ҷамилаи кун

شها تویی که درین جلوه گه جمیله کون

Бқсди ақди влоӣ ту кард арзи ҷамол

بقصد عقد ولای تو کرد عرض جمال

Ҷамоли шоҳиди иқболро паии зевар

جمال شاهد اقبال را پی زیور

зи доғи бандагии ту ниҳоди гардуни хол

ز داغ بندگی تو نهاد گردون خال

зи ботини ту ҳар ойӣна кас наёфт вуқуф

ز باطن تو هر آیینه کس نیافت وقوف

Бзоҳри ту ҷузи ойӣна кас надид мисол

بظاهر تو جز آیینه کس ندید مثال

Туе кигар мадад аз ҳиммат ту хоҳад кас

تویی که گر مدد از همت تو خواهد کس

Барои равнақ ҳар кори ҳал ҳар ашкол

برای رونق هر کار حل هر اشکال

Гиреҳи кшоиӣ ҳар корӣ метавонад кард

گره کشایی هر کاری می تواند کرد

Басони ғунчаи гулзори давлати иқбол

بسان غنچه گلزار دولت اقبال

Амири зодаи алӣ вале шиор ки ҳаст

امیر زاده علی ولی شعار که هست

Вуқуф ӯ ҳамаи мушкилотро аҳлол

وقوف او همه مشکلات را احلال

Маи сипеҳри исолати сипеҳри фазлу ҳунар

مه سپهر اصالت سپهر فضل و هنر

Сар омад ҳамаи мардуми фириштаи ахсол

سر آمد همه مردم فرشته اخصال

Ягона ки бакори ду кун дода ривоҷ

یگانه که بکار دو کون داده رواج

Ба иҳтимоми сафои замиру ҳасани фаъол

به اهتمام صفای ضمیر و حسن فعال

Сулӯк ӯ шудаи аҳмоми шаръро қонӯн

سلوک او شده احمام شرع را قانون

Мушаххасаст зи атвор ӯ ҳарому ҳалол

مشخص است ز اطوار او حرام و حلال

з рӯй рои бакорӣ ки мекунад рағбат

ز روی رای بکاری که می کند رغبت

Замона кист дар анҷом он кунад эҳмол

زمانه کیست در انجام آن کند اهمال

Бензади рои мунираш ки воқиф ҳол аст

بنزد رای منیرش که واقف حال است

Дар эҳтиёҷ касеро чаҳ суол

در احتیاج کسی را چه سوال

Забони хомаи ҳозири ҷавоб ӯ карда

زبان خامه حاضر جواب او کرده

Бафаҳм ҳоли дили аҳли саволро ҳамаи лол

بفهم حال دل اهل سؤال را همه لال

Аё сипеҳри саховат эй авҷи шараф

ایا سپهر سخاوت همای اوج شرف

Ки зикри ном шариф муборакаст бФол

که ذکر نام شریف مبارکست بفال

зи бӯстони ҳунар то баннои об ва гуласт

ز بوستان هنر تا بنای آب و گلست

Нахоста чу ту гулбун наруста чун ту ниҳол

نخواسته چو تو گلبن نرسته چون تو نهال

Дарии надидаи блтФи ту баҳри асли насаб

دری ندیده بلطف تو بحر اصل نسب

Гулии надидаи брнги ту боғи ҷоҳу ҷалол

گلی ندیده برنگ تو باغ جاه و جلال

Чунин ки аз асари лутфи табъи ҳасани мизоҷ

چنین که از اثر لطف طبع حسن مزاج

Хутури нияти бад бар замири тести маҳол

خطور نیت بد بر ضمیر تست محال

Ту ҳар чаҳ май гузароне бадал сазад ки малик

تو هر چه می گذرانی بدل سزد که ملک

Савоб сабт кунад бар ҷаридаи аъмол

ثواب ثبت کند بر جریده اعمال

Баҳри дуо ки кунӣ мекунад зи нияти пок

بهر دعا که کنی می کند ز نیت پاک

Бар осмон нарасида иҷобати истиқбол

بر آسمان نرسیده اجابت استقبال

Ризои холиқ ва махлуқ дорадат доим

رضای خالق و مخلوق داردت دایم

Паии тавозуъу тоъати хамидаи қад чу ҳилол

پی تواضع و طاعت خمیده قد چو هلال

Бад-ӣни сабаб ки туе кам касеаст дар олам

بدین سبب که تویی کم کسیست در عالم

Бад-ӣни равиш ки туе зуд май рисии бкмол

بدین روش که تویی زود می رسی بکمال

Рафеъи мнзлтои ани туе ки шоҳи Наҷаф

رفیع منزلتا ان تویی که شاه نجف

Гузид зоти туро аз назоиру амсол

گزید ذات ترا از نظایر و امثال

Тамизи аҳли фазилати бъҳдаҳ ту фиканд

تمیز اهل فضیلت بعهده تو فکند

Ки ҳар ки ҳаст кунад бар ту арзи истеҳлол

که هر که هست کند بر تو عرض استهلال

Манам ки булбули бустони мадҳи манқибатам

منم که بلبل بستان مدح منقبتم

Хазонаи дилам аз нақди мадҳи моломол

خزانه دلم از نقد مدح مالامال

Ҷузи ин шиор надорам ки дар мноқти шоҳ

جز این شعار ندارم که در مناقت شاه

Кунам нисор дар назму сарфи нақди мақол

کنم نثار در نظم و صرف نقد مقال

Бад-ӣни василаи маро низ метавонад буд

بدین وسیله مرا نیز می تواند بود

Ки гоҳ гоҳ фитад баҳри арзи ҳоли маҷол

که گاه گاه فتد بهر عرض حال مجال

Умедвор баронам ки баҳри мадҳи алӣ

امیدوار برانم که بهر مدح علی

Диҳии блтФи фироқами зи соири ишғол

دهی بلطف فراغم ز سایر اشغال

Ямини бшоаҳи Наҷаф ёд кардаам сад бор

یمین بشاه نجف یاد کرده ام صد بار

Ки аз Наҷаф нашавам моили ямину шимол

که از نجف نشوم مایل یمین و شمال

Бади он умед ки баъди мурӯри муддати умр

بد آن امید که بعد مرور مدت عمر

Расад чу марги даҳуми хокро баҳоли висол

رسد چو مرگ دهم خاک را بحال وصال

Агар на лутфи ту ёрӣ кунад дарин манзил

اگر نه لطف تو یاری کند درین منزل

Иқомати ман овора ҳаст амри маҳол

اقامت من آواره هست امر محال

Равои мадор ки мурғи равони ман зини малик

روا مدار که مرغ روان من زین ملک

Бъзми сайри диёр дигар кушояди бол

بعزم سیر دیار دگر گشاید بال

Дарон диёр кашад орзӯи маро ва кашад

دران دیار کشد آرزو مرا و کشد

Машаққат аз пай нақалам млоики наққол

مشقت از پی نقلم ملایک نقال

Умед ҳаст ки аз шарҳи хоксории мо

امید هست که از شرح خاکساری ما

Наёбади ойӣнаи хотири ту гирди малол

نیابد آیینه خاطر تو گرد ملال

Умед ҳаст ки то ҳаст дар фазои вуҷӯд

امید هست که تا هست در فضای وجود

Мадор доира гуфту гӯи бад-ӣни минвол

مدار دایره گفت و گو بدین منوال

Фузулӣ аз ту ҳамаи муждаи атои шунӯд

فضولی از تو همه مژده عطا شنود

Ту ҳам азуи ҳамаи мадҳи санои ҳайдару ол

تو هم ازو همه مدح ثنای حیدر و آل