Ошиқии равнақи зи атвори ман ҳайрон гирифт

عاشقی رونق ز اطوار من حیران گرفت

Ишқ аз Фарҳод сӯрат ёфт аз ман ҷон гирифт

عشق از فرهاد صورت یافت از من جان گرفت

То дар оради нақши ширинро бмҳмонии дарав

تا در آرد نقش شیرین را بمهمانی درو

Хонае дар бесутун , Фарҳод саргардон гирифт

خانه ای در بیستون ، فرهادِ سرگردان گرفت

Гар сар даъвӣ надорад баҳри хӯни кӯҳкан

گر سر دعوی ندارد بهر خون کوهکن

Бесутунро сӯрати ширин чаро домон гирифт

بیستون را صورت شیرین چرا دامان گرفت

Нест лолаи кӯҳкани андохти сӯии бесутун

نیست لاله کوهکن انداخت سوی بیستون

Синаи пари хӯн ки аз доғи дил сӯзон гирифт

سینه پر خون که از داغ دل سوزان گرفت

Гарчи мушкил буд бар Фарҳоди кори бесутун

گرچه مشکل بود بر فرهاد کار بیستون

Ҷон ширин дод бар худ корро осон гирифт

جان شیرین داد بر خود کار را آسان گرفت

Дил бхўн шуд ғарқ бо тири ту аз сӯзи дарун

دل بخون شد غرق با تیر تو از سوز درون

Сӯхт дар тани оташӣ аз шуъла дар пайкон гирифт

سوخت در تن آتشی از شعله در پیکان گرفت

Дид саргардонии сайёҳи саҳрои умед

دید سرگردانی سیاح صحرای امید

Баҳри осоиши фузулии доман ҳурмон гирифт

بهر آسایش فضولی دامن حرمان گرفت