Дили домани ҳавои ту муҳкам гирифта аст
دل دامن هوای تو محکم گرفته است
Мурғии чунон ҳавои чунин кам гирифта аст
مرغی چنان هوای چنین کم گرفته است
Аз ишқи ман ки баҳри ту расвои оламам
از عشق من که بهر تو رسوای عالمم
Овозаи ҷамоли ту олам гирифта аст
آوازه جمال تو عالم گرفته است
То шуълаи буруни надиҳади оташи дарун
تا شعله برون ندهد آتش درون
Дили рхнҳои захми бмрҳм гирифта аст
دل رخنهای زخم بمرهم گرفته است
Бигузар зи зери тоқи фалак бе таваққуфӣ
بگذر ز زیر طاق فلک بی توقفی
Каз ашками ин баннои куҳани нам гирифта аст
کز اشکم این بنای کهن نم گرفته است
Аз кибри ҳалқа бар дар ҷинат наме занад
از کبر حلقه بر در جنت نمی زند
Дастӣ ки он ду гесуии пурхам гирифта аст
دستی که آن دو گیسوی پرخم گرفته است
Бар илтифоти соқии айём дил манеҳ
بر التفات ساقی ایام دل منه
Ҷомӣ ки медиҳад бтў аз ҷам гирифта аст
جامی که می دهد بتو از جم گرفته است
Гар ҳаст орзӯии ғами ишқ давр нест
گر هست آرزوی غم عشق دور نیست
Моро ки дили зи хотири хуррам гирифта аст
ما را که دل ز خاطر خرم گرفته است
Дар даври исои лабат аз зулфи анбарин
در دور عیسی لبت از زلف عنبرین
Дар ҳайратам ки баҳр чаҳ мотам гирифта аст
در حیرتم که بهر چه ماتم گرفته است
Расми тараби мҷуи зи фузулӣ ки мдтист
رسم طرب مجو ز فضولی که مدتیست
Давр аз ту хуй бо ?иламу ғам гирифта аст
دور از تو خوی با الم و غم گرفته است