Ба ҳолами илтифоти он моҳи рӯ бисёр кам дорад
به حالم التفات آن ماهرو بسیار کم دارد
Дил аз кам илтифотиҳои ӯ бисёр ғам дорад
دل از کمالتفاتیهای او بسیار غم دارد
Дамӣ аз меҳр бинад сӯии ман он маи дамӣ аз кин
دمی از مهر بیند سوی من آن مه دمی از کین
Ба сони субҳи теғи илтифот ӯ ду дам дорад
به سان صبح تیغ التفات او دو دم دارد
Чаҳ хуши боғии сети олами пари гулу сӯсан чаҳ суд аммо
چه خوش باغیست عالم پر گل و سوسن چه سود اما
Гулаши буии тағайюр , сӯсанаши ранг адам дорад
گلَش بویِ تغیّر، سوسنَش رنگِ عدم دارد
намегардад хаёли гирди роҳаши давр аз чашмам
نمیگردد خیال گرد راهش دور از چشمم
Маҳоласт ин ки хезади гирд аз ҷое ки нам дорад
محال است این که خیزد گرد از جایی که نم دارد
Аз он Лутфии сет бар ман ҳар ситами умрии сети кони бдхў
از آن لطفیست بر من هر ستم عمریست کآن بدخو
зи бими таъна бар ман лутф дар ранг ситам дорад
ز بیم طعنه بر من لطف در رنگ ستم دارد
Қад хам гаштаамро чархи даври андохт аз кӯяш
قدِ خم گشتهام را چرخ دور انداخت از کویش
Кам уфтад бар нишона аз камони тирӣ ки хам дорад
کم افتد بر نشانه از کمان تیری که خم دارد
Бисоти ишқ кам мемонад аз мансӯбаи холӣ
بساط عشق کم میماند از منصوبه خالی
Фузулӣ нест бозии ъшқбозии сад ?илам дорад
فضولی نیست بازی عشقبازی صد الم دارد