Маликрогар назар бар қади он сарв равон уфтад
ملک را گر نظر بر قد آن سرو روان افتد
Саросема чу мурғи тири хӯрдаи з осмон уфтад
سراسیمه چو مرغ تیر خورده ز آسمان افتد
Мапуаш аз ман рух эй хуршед мапаснд ин ки чун шамъам
مپوش از من رخ ای خورشید مپسند این که چون شمعم
Ҳамаи шаб то саҳари оташи бмғз устихон уфтад
همه شب تا سحر آتش بمغز استخوان افتد
Магӯ эй дили бшмъи маҳфил аз сӯзи даруни ҳарфӣ
مگو ای دل بشمع محفل از سوز درون حرفی
Макун корӣ ки ин рози ниҳон дар ҳар замон уфтад
مکن کاری که این راز نهان در هر زمان افتد
Балоро нест қобили ҷузи сафои дил аҷаб набӯд
بلا را نیست قابل جز صفای دل عجب نبود
Агар зон шамъ чун ойӣнаам оташ бҷон уфтад
اگر زان شمع چون آیینه ام آتش بجان افتد
Фикандӣ зулф бар рух изтиробӣ кард дили пайдо
فکندی زلف بر رخ اضطرابی کرد دل پیدا
Чу мурғии каши бногаҳи оташи андар ошён уфтад
چو مرغی کش بناگه آتش اندر آشیان افتد
Бмқсди роҳ кам ҷӯ аз рукӯъ эй зоҳиди гуми раҳ
بمقصد راه کم جو از رکوع ای زاهد گم ره
Ки бисёр озмудам тири каҷ кам бар нишон уфтад
که بسیار آزمودم تیر کج کم بر نشان افتد
Фузулии субҳи сони дам май занӣ аз меҳри рухсораш
فضولی صبح سان دم می زنی از مهر رخسارش
Наме тарсӣ аз он дам каз ту оташ дар ҷаҳон уфтад
نمیترسی از آن دم کز تو آتش در جهان افتد