Ҳар парии чеҳра ки даврон ба ҷаҳон май орад
هر پریچهره که دوران به جهان میآرد
Баҳри озори дили хастаи дилон май орад
بهر آزار دل خستهدلان میآرد
Сӯратиро чу мшъбди фалак ар сохт пинҳон
صورتی را چو مشعبد فلک ار ساخت پنهان
Мунтазир бош ки зеботар азон май орад
منتظر باش که زیباتر ازآن میآرد
Чун наранҷад дили аҳли вараъ аз нолаи ман
چون نرنجد دل اهل ورع از ناله من
Мурдаро низ чунин нола ба ҷон май орад
مرده را نیز چنین ناله به جان میآرد
намезанад сӯрати суроҳеи з май лаъли ту дам
میزند صورت صراحی ز می لعل تو دم
Ҷомро он тҳср ба даҳон май орад
جام را آن تحسر به دهان میآرد
Ҳркҷо мегузарад аз қади сарвии суханӣ
هرکجا میگذرد از قد سروی سخنی
Ҷои зи болои ту ҳарфӣ ба миён май орад
جای ز بالای تو حرفی به میان میآرد
Сӯратигар ба мисли пеши ту тасвир кунанд
صورتی گر به مثل پیش تو تصویر کنند
Шарҳ бе мисляти ӯро ба забон май орад
شرح بیمثلیت او را به زبان میآرد
Рўзгорист ки давр аз ту фузулии ҳамаи шаб
روزگاریست که دور از تو فضولی همهشب
Ба фиғони халқи ҷаҳонро ба фиғон май орад
به فغان خلق جهان را به فغان میآرد