Соқио май даҳ ки ҳарфии зи он даҳон гӯям туро

ساقیا می ده که حرفی ز آن دهان گویم ترا

То накардам маст кӣ роз ниҳон гӯям туро

تا نکردم مست کی راز نهان گویم ترا

Бас ки аз ҳайрат буд ҳар лаҳзаам ҳол дигар

بس که از حیرت بود هر لحظه ام حال دگر

Ҳайратӣ дорам ки ҳоли худ чаҳ сон гӯям туро

حیرتی دارم که حال خود چه سان گویم ترا

Кӣ тавонам гуфт ҳурӣ дар латофат ё малик

کی توانم گفت حوری در لطافت یا ملک

Ҳар чаҳ натавон дид чун бошад ки он гӯям туро

هر چه نتوان دید چون باشد که آن گویم ترا

Соъатӣ бар чашмаи чашмам намегирӣ қарор

ساعتی بر چشمه چشمم نمی گیری قرار

Зини равиш май зебад ар сарв равон гӯям туро

زین روش می زیبد ار سرو روان گویم ترا

Улфати ҷонро саботӣ нест май тарсами зи ҳиҷр

الفت جان را ثباتی نیست می ترسم ز هجر

Ҷони ман аз дил намеояд ки ҷон гӯям туро

جان من از دل نمی آید که جان گویم ترا

Шамъи ман ёди ту танҳо нест давр аз таъна

شمع من یاد تو تنها نیست دور از طعنه

намекунам зикр батон то дар миён гӯям туро

می کنم ذکر بتان تا در میان گویم ترا

То з гардун нагзарад шабҳо фузулии нолаи ?ут

تا ز گردون نگذرد شبها فضولی ناله ات

Саг ба аз мангар саги он длстон гӯям туро

سگ به از من گر سگ آن دلستان گویم ترا