Дили ағёр бар ман аз ғами ҷонона май сӯзад
دل اغیار بر من از غم جانانه میسوزد
зи ҷаври ошно бар ман дили бегона май сӯзад
ز جور آشنا بر من دل بیگانه میسوزد
Агар сӯзади дил парвона хоҳад бар забони орад
اگر سوزد دل پروانه خواهد بر زبان آرد
Забони шамъро сӯзи дили парвона май сӯзад
زبان شمع را سوز دل پروانه میسوزد
Назд эй шамъ дар фонӯси оташи сӯз бисёрат
نزد ای شمع در فانوس آتش سوز بسیارت
Нае чун ман , ки камтари оташи ман хона май сӯзад
نه ای چون من ، که کمتر آتشِ من خانه میسوزد
зи барқи оҳи дил ғофил мабош аз синаам эй ҷон
ز برق آه دل غافل مباش از سینهام ای جان
Буруни каши рахти худ имшаб ки ин вайрона май сӯзад
برون کش رخت خود امشب که این ویرانه میسوزد
Сиришками қатраи қатраи зи оташи дил маҳв ме гардад
سرشکم قطره قطره ز آتش دل محو می گردد
Дареғ аз хирмани умрам ки донаи дона май сӯзад
دریغ از خرمن عمرم که دانه دانه می سوزد
Шабии афсонаи шавқ ту мегуфтанд дар маҷлис
شبی افسانه شوق تو میگفتند در مجلس
Маро чун шамъ ҳар шаби шавқи он афсона май сӯзад
مرا چون شمع هر شب شوق آن افسانه میسوزد
Фузулӣ нест ғмхўории дили вайронаро шаб ҳо
فضولی نیست غمخواری دل ویرانه را شبها
Ба ҷузи доғӣ ки ҳрдм бар дили девона май сӯзад
به جز داغی که هردم بر دل دیوانه میسوزد