Баҳор омад садое барнаме ояд зи булбул ҳо
بهار آمد صدایی برنمیآید ز بلبلها
Магари имсоли ранг дилрабое нест дар гул ҳо
مگر امسال رنگ دلربایی نیست در گلها
Гул омад нест майли сайри гулшани нозанинон ро
گل آمد نیست میل سیر گلشن نازنینان را
Парешон кард гулҳои чаманро ин тағофул ҳо
پریشان کرد گلهای چمن را این تغافلها
Чу рағбат нест дар ошиқ чаҳ суд аз онкии маҳбӯбон
چو رغبت نیست در عاشق چه سود از آنکه محبوبان
Барафрӯзанд ориз ҳо барафшонанд кокул ҳо
برافروزند عارضها برافشانند کاکلها
Дарин мавсим чаро дилҳо муқайяд нест дар гулшан
درین موسم چرا دلها مقید نیست در گلشن
Магари занҷирҳои зулфи нгшоднди сунбул ҳо
مگر زنجیرهای زلف نگشادند سنبلها
Чу ғунчаи сад гиреҳ дорад дил аз ғами венаи ғами дигар
چو غنچه صد گره دارد دل از غم وین غم دیگر
Ки даврон дар кушод ҳар гиреҳ дорад таъаллул ҳо
که دوران در گشاد هر گره دارد تعللها
Азон бигирифт дар бар обро гулшан ба сад иззат
ازآن بگرفت در بر آب را گلشن به صد عزت
Ки пайдо кард аз иқбол ӯ чандини таҷаммул ҳо
که پیدا کرد از اقبال او چندین تجملها
Фузулии раҳгузори ъшқбозии сад хатар дорад
فضولی رهگذار عشقبازی صد خطر دارد
Шурӯи ин тариқи саъбро бояд таъаммул ҳо
شروع این طریق صعب را باید تأملها