Дил ки сӯзон буд хандон аз рухи он моҳ шуд

دل که سوزان بود خندان از رخ آن ماه شد

Ончунон котши гул аз файзи халил аллоҳ шуд

آنچنان کآتش گل از فیض خلیل الله شد

Синаи тангами дил хӯн гаштаро дар ҳабс дошт

سینه تنگم دل خون گشته را در حبس داشت

Захми пайконати зи баҳр ҷустан ӯ роҳ шуд

زخم پیکانت ز بهر جستن او راه شد

Дар занхдонати дилам аз қайди ном ва нанг раст

در زنخدانت دلم از قید نام و ننگ رست

Мухлиси Юсуфи зи ёрони мухолиф хоҳ шуд

مخلص یوسف ز یاران مخالف خواه شد

Дод рахти шодмониро бсилоби сиришк

داد رخت شادمانی را بسیلاب سرشک

То дили маҳзунам аз завқи ғамат огоҳ шуд

تا دل محزونم از ذوق غمت آگاه شد

Сӯии ман раҳ ёфт ҳар меҳнат ки раҳ гум карда буд

سوی من ره یافت هر محنت که ره گم کرده بود

То шаби торики ман равшани зи барқ оҳ шуд

تا شب تاریک من روشن ز برق آه شد

Қад кашидӣ дидаро тоб тамошоят намонад

قد کشیدی دیده را تاب تماشایت نماند

Халъати нури назар бар қоматат кӯтоҳ шуд

خلعت نور نظر بر قامتت کوتاه شد

Каъба маликасту миллати даргаи пери Муғон

کعبه ملکست و ملت درگه پیر مغان

Қадар дорад то фузулии хоки ин даргоҳ шуд

قدر دارد تا فضولی خاک این درگاه شد