зи ҳади гузашти бадӯри ту бе қарории дил

ز حد گذشت بدور تو بی قراری دل

Машав зи ҳоли дил бе қарори ман ғофил

مشو ز حال دل بی قرار من غافل

Касе ки муътақид ишқ нест нест касе

کسی که معتقد عشق نیست نیست کسی

Мазоқи ншأаҳ ишқаст қобили қобил

مذاق نشأه عشق است قابل قابل

з ҳар чаҳ ҳаст тавонам бурид майл вале

ز هر چه هست توانم برید میل ولی

намешавад ки набошам бмҳўшии моил

نمی شود که نباشم بمهوشی مایل

Марост мушкилӣ аз ишқу чашм он дорам

مراست مشکلی از عشق و چشم آن دارم

Ки мушкилам бигушоед зи ту вале мушкил

که مشکلم بگشاید ز تو ولی مشکل

Ки кард даъвии сабру сабот дар ишқат

که کرد دعوی صبر و ثبات در عشقت

Ки чун ниқоб гирифтӣ з рух нагашт хаҷал

که چون نقاب گرفتی ز رخ نگشت خجل

Ҳарими каъба ки бар мости тўФи он воҷиб

حریم کعبه که بر ماست طوف آن واجب

зи шавқи тўФ дарат мондааст по дар гул

ز شوق طوف درت مانده است پا در گل

Фузулӣ аз сари он кӯ қадам манеҳ берун

فضولی از سر آن کو قدم منه بیرون

Ки ҳеҷ ҷо набӯд зини шарифтар манзил

که هیچ جا نبود زین شریف‌تر منزل