Муттасил дорад сари савдои абрӯии ту дил
متصل دارد سر سودای ابروی تو دل
Ҳеҷ кас дар сари чунин савдо надорад муттасил
هیچ کس در سر چنین سودا ندارد متصل
Рӯй чашми ман сияҳ каз дидан бе ихтиёр
روی چشم من سیه کز دیدن بی اختیار
Аз ту месозад маро дар сари нигоҳии мунфаил
از تو می سازد مرا در سر نگاهی منفعل
Бут парастидан нахоҳад буд бе ваҷҳеи магар
بت پرستیدن نخواهد بود بی وجهی مگر
Сӯратии бурданд зон пайкари сӯии чину чгл
صورتی بردند زان پیکر سوی چین و چگل
Бо рақибони аҳду паймони ту чун дорад сабот
با رقیبان عهد و پیمان تو چون دارد ثبات
Кӣ тавон гуфтани турои бади аҳдӣу паймони гусал
کی توان گفتن ترا بد عهدی و پیمان گسل
Зоаҳу ашкам сар кашид он сарв ва чандон давр нест
زآه و اشکم سر کشید آن سرو و چندان دور نیست
Сар кашӣдан сарвро зи обу ҳавои муътадил
سر کشیدن سرو را ز آب و هوای معتدل
Сохт таркиби туро аз ҷону дили рӯзӣ ки гашт
ساخت ترکیب ترا از جان و دل روزی که گشت
Нақши пайванди қазои сӯратнигор обу гул
نقش پیوند قضا صورت نگار آب و گل
Басти аҳди нақди ҷон додани фузулӣ дар раҳат
بست عهد نقد جان دادن فضولی در رهت
Он мабодогар ту ӯро бахт бад созад хаҷал
آن مبادا گر تو او را بخت بد سازد خجل