Ман ки бе лолаи рухии сокини гулхан шуда ам

من که بی‌لاله‌رخی ساکن گلخن شده‌ام

Зотши ишқи чунин сӯхтаи хирман шуда ам

زآتش عشق چنین سوخته خرمن شده‌ام

Бегул рӯй туу гулшан Кувайт умрӣаст

بی‌گل روی تو و گلشن کویت عمریست

Фориғ аз майли гулу рағбати гулшан шуда ам

فارغ از میل گل و رغبت گلشن شده‌ام

Май шӯии ёри касон май кашӣ аз ғуссаи маро

می‌شوی یار کسان می‌کشی از غصه مرا

Ҷони ман розии азин ғусса ба мурдан шуда ам

جان من راضی ازین غصه به مردن شده‌ام

Гулбуни пари гулу гулзори ғами хори мубин

گلبن پر گل و گلزار غم خوار مبین

Ман урён ки ба доғи ту музайян шуда ам

من عریان که به داغ تو مزین شده‌ام

Май ҷаҳди оташам аз дили ҳамаи шаб дар Кувайт

می‌جهد آتشم از دل همه‌شب در کویت

зи оташи дили шаҷари водии эмин шуда ам

ز آتش دل شجر وادی ایمن شده‌ام

Ҳеҷ кас нест ки дар банди ғами зулф ту нест

هیچ کس نیست که در بند غم زلف تو نیست

На ҳамин бастаи занҷири ғамати ман шуда ам

نه همین بسته زنجیر غمت من شده‌ام

Дӯстро нест фузулии ғами нокомии ман

دوست را نیست فضولی غم ناکامی من

Оҳи азин ғам ки ба коми дили душман шуда ам

آه ازین غم که به کام دل دشمن شده‌ام