Бастии гиреҳ аз баҳри ҷафои зулфи ду то ро

بستی گره از بهر جفا زلف دو تا را

Бардоштӣ аз рӯй замини расми вафо ро

برداشتی از روی زمین رسم وفا را

То бастаи мижгон ту гаштем бғмзаҳ

تا بسته مژگان تو گشتیم بغمزه

Зад чашми ту бар ҳам ҳамаи ҷамъияти мо ро

زد چشم تو بر هم همه جمعیت ما را

Кас нест ки ойини ҷафо ба з ту донад

کس نیست که آیین جفا به ز تو داند

Оё з ки омухтии ойини ҷафо ро

آیا ز که آموختی آیین جفا را

Аз доира чарх кашидам сари ҳиммат

از دایره چرخ کشیدم سر همت

То чанд кашами миннат ҳар бесару по ро

تا چند کشم منت هر بی سر و پا را

Умрӣаст броҳт шудаам хок ки гоҳе

عمریست براهت شده ام خاک که گاهی

Оеи сӯии ман бӯсаи занами он кафи по ро

آیی سوی من بوسه زنم آن کف پا را

Ҳар лаҳза бмн мерасад аз чархи балое

هر لحظه بمن می رسد از چرخ بلایی

Домӣаст қади хам шудаам мурғи бало ро

دامیست قد خم شده ام مرغ بلا را

Гар қасди дилу дайн фузулӣ кунад он бут

گر قصد دل و دین فضولی کند آن بت

Носеҳи мада озор макун манъи худо ро

ناصح مده آزار مکن منع خدا را