Ҳар лаҳзаи сад ҷафои зи балои ту май кашам

هر لحظه صد جفا ز بلای تو می‌کشم

Умрии сети ҷони ман ки ҷафои ту май кашам

عمری‌ست جان من که جفای تو می‌کشم

Ҷаври фалак наме кашам аз баҳри коми худ

جور فلک نمی‌کشم از بهر کام خود

Гар май кашам барои ризои ту май кашам

گر می‌کشم برای رضای تو می‌کشم

Донистаам ки расм вафо нест дар батон

دانسته‌ام که رسم وفا نیست در بتان

Беҳудаи интизори вафои ту май кашам

بیهوده انتظار وفای تو می‌کشم

Ҳрдми ҳазор соғари хуноба аз ҷигар

هردم هزار ساغر خونابه از جگر

Бар ёди лаъл рӯҳ физой ту май кашам

بر یاد لعل روح‌فزای تو می‌کشم

Фарҳод ва кӯҳ кандан ӯро чаҳ эътибор

فرهاد و کوه کندن او را چه اعتبار

Ошиқи манам ки бори балои ту май кашам

عاشق منم که بار بلای تو می‌کشم

Ҳршб ба моҳ май кашам аз оҳи сад илм

هرشب به ماه می‌کشم از آه صد علم

Бингар чаҳҳо зи шавқи лақои ту май кашам

بنگر چه‌ها ز شوق لقای تو می‌کشم

Дар ошиқии ҳамин на фузулӣ ягона аст

در عاشقی همین نه فضولی یگانه است

Ман ҳам ҷафои зулфи дўтои ту май кашам

من هم جفای زلف دوتای تو می‌کشم