Нам намонад аз тоби хуршеди рахт дар хоки мо

نم نماند از تاب خورشید رخت در خاک ما

Чун нигаред чун бгриди дидаи намноки мо

چون نگرید چون بگرید دیده نمناک ما

То зи сӯзи синаи мо гашти пайкони ту об

تا ز سوز سینه ما گشت پیکان تو آب

Шасти гирди ғайрро аз сафҳаи идроки мо

شست گرد غیر را از صفحه ادراک ما

Ошиқӣ бояд чу бут аз санг ва бебок аз ҷафо

عاشقی باید چو بت از سنگ و بی باک از جفا

То кунад ҷӯрии бкоми дили бут бе боки мо

تا کند جوری بکام دل بت بی باک ما

Ром шуд шамъӣ ки чун оташи сар аз мо ме кашад

رام شد شمعی که چون آتش سر از ما می کشد

Кард охири кори худ таъсири ишқи поки мо

کرد آخر کار خود تأثیر عشق پاک ما

Дили балои ҷон бе худ гашту ҷисм бе қарор

دل بلای جان بی خود گشت و جسم بی قرار

Оташии афканди ишқат дар хасу хошоки мо

آتشی افکند عشقت در خس و خاشاک ما

Гашти дили сад порау баҳри тамошои рахт

گشت دل صد پاره و بهر تماشای رخت

Кард ҳар сӯи сари бурун аз синаи сад чоки мо

کرد هر سو سر برون از سینه صد چاک ما

Гуфтамаш аз худ фузулиро Маяфкан давр гуфт

گفتمش از خود فضولی را میفکن دور گفت

Нест ин сайди муҳақари қобили фитроки мо

نیست این صید محقر قابل فتراک ما