Гашти сад пораи бшмшири ҷафои ту танам

گشت صد پاره بشمشیر جفای تو تنم

Гули сад барги баҳори ғами ишқи ту манам

گل صد برگ بهار غم عشق تو منم

Ашки гулгуну рухи зарди марои хори мубин

اشک گلگون و رخ زرد مرا خوار مبین

Ки агар сурх агар зарди гули ин чаманам

که اگر سرخ اگر زرد گل این چمنم

Бо дили хӯн шудаи дам май занам аз лутфи лабат

با دل خون شده دم می زنم از لطف لبت

намешавад ҳоли дилами фаҳми зи ранги суханам

می شود حال دلم فهم ز رنگ سخنم

Давр аз он зулфу қад ва чеҳра махон сӯии чаман

دور از آن زلف و قد و چهره مخوان سوی چمن

Боғбон нест сари сунбулу сарву саманам

باغبان نیست سر سنبل و سرو و سمنم

Баъди азин дар раҳи ишқи ту ману танҳоӣ

بعد ازین در ره عشق تو من و تنهایی

Қудрат соя кашӣдан чу надорад баданам

قدرت سایه کشیدن چو ندارد بدنم

Кӯҳканро асарӣ ҳаст маро нест нишон

کوهکن را اثری هست مرا نیست نشان

Ваа ки расвотар ва гум гаштатар аз кӯҳканам

وه که رسواتر و گم گشته تر از کوهکنم

наменаҳафтум чу фузулии ғами дил ваа кохр

می نهفتم چو فضولی غم دل وه کآخر

Кард расвои ту афсона ҳар анҷуманам

کرد رسوای تو افسانه هر انجمنم