Дӯш дар маҷлиси нигорӣ буд ҳмзонўии ман

دوش در مجلس نگاری بود همزانوی من

Айшҳо мекард дил то субҳ аз паҳлавии ман

عیشها می کرد دل تا صبح از پهلوی من

Ёри ваҳшии табъ ва ман муътоди улфат чун кунам

یار وحشی طبع و من معتاد الفت چون کنم

Офати ман хуй ӯ шуд меҳнат ӯ хуии ман

آفت من خوی او شد محنت او خوی من

Чанд май нозии фалак бо моҳи нави чандини мноз

چند می نازی فلک با ماه نو چندین مناز

Бош то пайдо шавад моҳи ҳилоли абрӯии ман

باش تا پیدا شود ماه هلال ابروی من

Бар раҳаш афтодаам бигушодаи чашми интизор

بر رهش افتاده ام بگشاده چشم انتظار

Ваа чаҳ бошад гар кунад гоҳе нигоҳии сӯии ман

وه چه باشد گر کند گاهی نگاهی سوی من

Чун тавонам бебало бошам чунин каз ҳар тараф

چون توانم بی بلا باشم چنین کز هر طرف

Сад балои овехта безулфат аз ҳар мӯии ман

صد بلا آویخته بی زلفت از هر موی من

Сӯй ман магзар мабодои сари нуҳум бе ихтиёр

سوی من مگذر مبادا سر نهم بی اختیار

Бар раҳати пои ту озорӣ кашад аз рӯй ман

بر رهت پای تو آزاری کشد از روی من

Гуфтамаш эй шаҳи фузулии ҳам ғулом тест гуфт

گفتمش ای شه فضولی هم غلام تست گفت

Кист ӯ кӣ омад ва ҷон ёфт ҷо дар кӯии ман

کیست او کی آمد و جان یافت جا در کوی من