Задӣ чу дар дилами оташи макаш чу шуълаи сар аз ман

زدی چو در دلم آتش مکش چو شعله سر از من

Чу шамъ сӯхтанам байн мабош бехабар аз ман

چو شمع سوختنم بین مباش بی خبر از من

Нишони ишқи ту сӯзи дил манаст май сӯзам

نشان عشق تو سوز دل من است می سوزم

Чунон ки ҳеҷ намонад нишони зи ту асар аз ман

چنان که هیچ نماند نشان ز تو اثر از من

Маро чу сӯхтӣ аз бурдани дилам ҳазарӣ кун

مرا چو سوختی از بردن دلم حذری کن

Ман оташам чаҳ расонии бдомнти шарар аз ман

من آتشم چه رسانی بدامنت شرر از من

Ҷузи ин ки манъи зи назораи ҷамол ту кардам

جز این که منع ز نظاره جمال تو کردم

Чаҳ кардаам ки бигардонад рӯй чашмтар аз ман

چه کرده ام که بگرداند روی چشم تر از من

Марои зи хорӣ аз он беш шуд ?илам ки мабодо

مرا ز خواری از آن بیش شد الم که مبادا

Бхўорим нигарад ёр ва кам кунад назар аз ман

بخواریم نگرد یار و کم کند نظر از من

Бнистӣ шудам огаҳи зи сари дарҷи даҳонат

بنیستی شدم آگه ز سر درج دهانت

Гумон набӯд марои ҳам ки ояд ин ҳунар аз ман

گمان نبود مرا هم که آید این هنر از من

Бароаи ишқи фузулӣ агар чаҳ омадаи маҷнӯн

براه عشق فضولی اگر چه آمده مجنون

Набӯдаи бештар аз ман нарафта бештар аз ман

نبوده بیشتر از من نرفته بیشتر از من