Бааст гӯру кафан аз қабоу перҳанӣ
بهست گور و کفن از قبا و پیرهنی
Ки пора пора насозанд баҳри сими танӣ
که پاره پاره نسازند بهر سیم تنی
Ба теғи меҳнати ширини лабон ки дорад тоб
به تیغ محنت شیرینلبان که دارد تاب
Магар замона бисозад зи санг кӯҳ кунӣ
مگر زمانه بسازد ز سنگ کوهکنی
Ба пунбаҳои ҷароҳат ниҳон чарост танам
به پنبههای جراحت نهان چراست تنم
Чу нест расм ки бошад шаҳидро кафанӣ
چو نیست رسم که باشد شهید را کفنی
Марои макаш ба ҷафоу ситам ки май бояд
مرا مکش به جفا و ستم که می باید
Ситамгарӣ чу туеро ҷФокшӣ чу манӣ
ستمگری چو تویی را جفاکشی چو منی
Худоиро мадаи он зулфи пуршикан бар бод
خدای را مده آن زلف پرشکن بر باد
Ки манзили дил ошуфтааст ҳар шиканӣ
که منزل دل آشفته است هر شکنی
Ба лутфи ғунчаи мисоли даҳони танг ту нест
به لطف غنچه مثال دهان تنگ تو نیست
Дарин ки ҳаст чунин нест ғунчаро суханӣ
درین که هست چنین نیست غنچه را سخنی
Ғами хати ту фузулии зи дил бурун накунад
غم خط تو فضولی ز دل برون نکند
Ки ҳаст ҷои чунон сабзаи чунин чаманӣ
که هست جای چنان سبزه چنین چمنی