Чу аз ғам кунам чоки пероҳанам ро
چو از غم کنم چاک پیراهنم را
з мардум кунад ашки пинҳони танам ро
ز مردم کند اشک پنهان تنم را
Чаҳ сон бо қад хам кунам азми кӯяш
چه سان با قد خم کنم عزم کویش
Гирифтаст хори мижаи доманам ро
گرفتست خار مژه دامنم را
Ғамати дона ҳо мефишонд зи чашмам
غمت دانه ها می فشاند ز چشمم
Ббод фано медиҳад хирманам ро
بباد فنا می دهد خرمنم را
Наомад зи дасти ту эй ман ғуломат
نیامد ز دست تو ای من غلامت
Ки дар тавқи соиди кашии гарданам ро
که در طوق ساعد کشی گردنم را
з ҳар сӯи раҳи орзӯи баст бар ман
ز هر سو ره آرزو بست بر من
Сиришкам ки бигирифт пиромнм ро
سرشکم که بگرفت پیرامنم را
Мубини мӯҳтасиби тунд дар соғар май
مبین محتسب تند در ساغر می
Макун тираи ойӣнаи равшанам ро
مکن تیره آیینه روشنم را
зи ғам мурдаам мотам хеш дорам
ز غم مرده ام ماتم خویش دارم
Фузулӣ маломат макун шеванам ро
فضولی ملامت مکن شیونم را