Кам илтифотии хубони бъошқон ситам аст

کم التفاتی خوبان بعاشقان ستم است

Зиҳии ситам ки туро бо ман илтифот кам аст

زهی ستم که ترا با من التفات کم است

Кӣ аз бунафшаи кушояди куҷо бноФаҳ кашад

کی از بنفشه گشاید کجا بنافه کشد

Дилӣ ки бастаи он гесувони хам бахам аст

دلی که بسته آن گیسوان خم بخم است

Қадами хамида чунон шуд ки кас наме донад

قدم خمیده چنان شد که کس نمی داند

Марои бароаи ту пӯяндаи фарқ ё қадам аст

مرا براه تو پوینده فرق یا قدم است

зи доми шавқи дил мо намераҳад модом

ز دام شوق دل ما نمی رهد مادام

Ки сунбули ту гузаргоҳи бод субҳдам аст

که سنبل تو گذرگاه باد صبحدم است

Табибро ?илам ман намонад то раҳи барад

طبیب را الم من نماند تا ره برد

Блзтӣ ки маро дар раҳи ту аз ?илам аст

بلذتی که مرا در ره تو از الم است

Чунин ки зиндагӣам бо ғамаст дар ишқат

چنین که زندگیم با غمست در عشقت

Маро азон ки аҷали қасд ҷон кунад чаҳ ғам аст

مرا ازان که اجل قصد جان کند چه غم است

зи ранҷи ишқи фузулии фароғатии матлаб

ز رنج عشق فضولی فراغتی مطلب

Хамӯш бош ки завқи ҳаёт муғтанам аст

خموش باش که ذوق حیات مغتنم است