Биёи соқии он ҷавҳари софу пок

بیا ساقی آن جوهر صاف و پاک

Ки ҷамшеди баради орзӯяши бхок

که جمشید برد آرزویش بخاک

Бмни даҳ ки ҷамшедем орзӯаст

بمن ده که جمشیدیم آرزوست

На бо малик ҷамшедем ман ба ӯст

نه با ملک جمشیدیم من به اوست

Биёи соқии он соғари синаи сӯз

بیا ساقی آن ساغر سینه سوز

Ки май сӯзад аз шавқи он ҷам ҳануз

که می سوزد از شوق آن جم هنوز

Бмни даҳ ки оташи бҳстии занам

بمن ده که آتش بهستی زنم

Дар дайни оташи парастии занам

در دین آتش پرستی زنم

Биёи соқии он роҳи райҳони шамем

بیا ساقی آن راح ریحان شمیم

Ки кайфият ӯст халқи Карим

که کیفیت اوست خلق کریم

Бмни даҳ диламро гиреҳ бар гушой

بمن ده دلم را گره بر گشای

Биравем дар рози дигари гушой

برویم در راز دیگر گشای

Азин беш фикри дил риш кун

ازین بیش فکر دل ریش کن

Баҷоами сиўм ншأаҳам беш кун

بجام سیوم نشأه ام بیش کن

Ки нутқ аз сиўми ншأаҳ гуё кунам

که نطق از سیوم نشأه گویا کنم

Румуз дигар бар ту ифшо кунам

رموز دگر بر تو افشا کنم