Дӯши андар хоб медидам биҳишти кирдигор

دوش اندر خواب می‌دیدم بهشت ‌کردگار

Тоза бе файзи рабиъу сабз бе саъии баҳор

تازه بی‌فیض ربیع و سبز بی‌سعی بهار

Давҳаи тӯбои зи сарсабзӣ чу бахти Подшаҳ

دوحهٔ طوبی ز سرسبزی چو بخت پادشه

Чашмаи кавсари зи ширинӣ чу нутқи шаҳриёр

چشمهٔ‌کوثر ز شیرینی چو نطق شهریار

Як тарафи Мӯсоу тӯроташ ба ҳурмат дар бағал

یک‌طرف موسی و توراتش به حرمت در بغل

Як тарафи исоу Инҷилаш ба иззати даркинори

یک طرف عیسی و انجیلش به عزت درکنار

Як тарафи Довӯди дргисў ӣ ҳурони бардаи даст

یک‌طرف داود درگیسو‌ی حوران برده دست

То дар онҷои ҳам зирасозӣ намояди ошкор

تا در آنجا هم زره سازی نماید آشکار

Бехабар аз ҳури нармаки сӯй ғлмонон шудам

بی‌خبر از حور نرمک سوی غلمانان شدم

Зонка риндӣ чу Ни маро бо васл ҳурон нест кор

زانکه‌ رندی ‌چو‌ن ‌مرا با وصل‌ حوران نیست‌ کار

Гуфтам эй хуршеди рӯйони сипеҳри дилбарӣ

گفتم ای خورشید رویان سپهر دلبری

Гуфтам эй шамшоди қадони риёзи ифтихор

گفتم ای شمشاد قّدان ریاض افتخار

Лаб фароз ореду оғӯшу бағал холӣ кунед

لب فراز آرید و آغوش و بغل خالی‌کنید

Кзшмо бе заҳматии ҳам бӯса хоҳам ҳам канор

کزشما بی‌زحمتی هم‌بوسه خواهم هم‌کنار

Лаб ба шукр бгш данд вагуфтанд эй ғариб

لب به‌شکر بگش‌دند وگفتند ای غریب

Одамии боидкаҳ дар ҳркор бошад бурдбор

آدمی بایدکه در هرکار باشد بردبار

Музеии ғурбати буруновар нафасро тоза кун

موزهٔ غربت برون آور نفس را تازه کن

Гирд аз сблт барафшон ришкони лухтии бухор

گرد از سبلت برافشان ریشکان لختی بخار

Соъатӣ биншин ба роҳати оби сард андак бануш

ساعتی بنشین به راحت آب سرد اندک بنوش

Аз ҷигар бинишон ҳарорати вази ду рухи бФшони ғубор

از جگر بنشان حرارت وز دو رخ بفشان غبار

Хираи густохона ҳарҷо дам наме шояд задан

خیره‌گستاخانه هرجا دم نمی‌شاید زدن

эй басои нахли ҷасорати ков хисорат дод бор

ای بسا نخل جسارت ‌کاو خسارت داد بار

Бо ҳаётар гӯи сухан бо нозпрўрдони хулд

با حیاتر گو سخن با نازپروردان خلد

Бо адабтар зани қадам дар ҷинати парвардгор

با ادب‌تر زن قدم در جنت پروردگار

Хуби рӯйони ҷаҳонат бас нашуд моно ки ту

خوب رویان جهانت بس نشد مانا که تو

Хубрӯёни ҷинонро низ хоҳии ёри ғор

خوبرویان جنان را نیز خواهی یار غار

Ин чунин каз мокнор ва б раҳ май хи роҳӣ ба нақд

این‌چنین‌کز ماکنار و ب‌ره می‌خ‌راهی به نقد

Ғолбои моро барот оварда ӣӣ азкрдгор

غالبآ ما را برات آورده‌یی ازکردگار

ё магари бӯсу канор аз мо хридстии силам

یا مگر بوس و کنار از ما خریدستی سلم

ё ҷиноят карда аз васли ту моро рӯзгор

یا جنایت‌کرده از وصل تو ما را روزگار

Гуфтам инҳо нест лекини модҳи хоси шаҳам

گفتم اینها نیست لیکن مادح خاص شهم

Каз лабами шукри ҳамеи резад ба мадҳаши борбор

کز لبم شکر همی ریزد به مدحش باربار

Азпби Ни касби саодат ҳркҷосимӣ барӣаст

ازپب‌ن کسب‌سعادت هرکجاسیمی‌بریست

Чун маро бинад ба раҳи бӯсади лабам бе ихтиёр

چون مرا بیند به ره بوسد لبم بی‌اختیار

Муттафиқ гуфтанд монои мирқоонии туе

متفق‌گفتند مانا میرقاآنی تویی

Кати шнидстими таҳсин аз млоики чандбор

کت شنیدستیم تحسین از ملایک چندبار

Гуфтам ореи мейри Қоонии манам каз мадҳи шоҳ

گفتم آری میر قاآنی منم‌ کز مدح شاه

Калак ман дорад ши Ф бар силк дар шоҳвор

کلک من دارد ش‌ف بر سلک در شاهوار

Чун шуниданд ин сухани баргарди ман гаштанди ҷамъ

چون ‌شنیدند این ‌سخن برگرد من ‌گشتند جمع‌

Зеб ва зеварҳои худ карданд бар фарқами нисор

زیب و زیورهای خود کردند بر فرقم نثار

Вонгаҳе чун чашмаи Хизрами даҳон пуроб шуд

وانگهی چون چشمهٔ خضرم دهان پرآب شد

Бас ки додандам якояки бӯсҳои обдор

بس ‌که دادندم یکایک بوس های آبدار

Зин сипас гуфтам ки эй мурғони гулзори Ирам

زین سپس گفتم که ای مرغان گلزار ارم

Зончаҳи пурсам боз гуедам ҷавобии созгор

زآنچه پرسم باز گوییدم جوابی سازگار

Ёркӣ дорам ки дорад чеҳра ӣӣ чун барги гул

یارکی دارم‌که دارد چهره‌یی چون برگ گل

Чашм ӯ бемор ва ман шаб то саҳари бемордор

چشم او بیمار و من شب تا سحر بیماردار

Хат ӯ мӯраст агар аз машки чини созанди мӯр

خط ‌او مورست ا‌گر از مشک‌ چین سازند مور

Зулф ӯ мораст агар аз тори ҷони созанди мор

زلف او مارست اگر از تار جان سازند مار

Ҳар куҷои байнами сриншро бихандам аз фараҳ

هر کجا بینم سرینش را بخندم از فرح

Кебеки оре май бихандад чун ббиндкўҳсор

کبک آری می‌بخندد چون ببیندکوهسار

Як ҳунар дорад ки гуяд мадҳи хусрави рӯзу шаб

یک هنر دارد که ‌گوید مدح خسرو روز و شب

Ҳоле ӯ ба ё шумо гуфтанду иҳк зинҳор

حالی او به یا شما گفتند و یحک زینهار

Ҳар ки мадҳ шоҳ гуяд беҳтараст аз ҳар ки ҳаст

هر که مدح شاه گوید بهترست از هر که هست

Хоссаи ёри моҳрӯӣу шоҳиди симини изор

خاصه یار ماهروی و شاهد سیمین عذار

Мо шабем ӯ рӯзи равшан мо табем ӯ офият

ما شبیم او روز روشن ما تبیم او عافیت

Мо намем ӯ баҳри Аммон мо ғамем ӯ ғмгсор

ما نمیم او بحر عمان ما غمیم او غمگسار

Мо маем ӯ меҳри рахшон мо заминем ӯ сипеҳр

ما مهیم او مهر رخشان ما زمینیم او سپهر

Мо гиёҳем ӯ зумуррад мо хазонем ӯ баҳор

ما گیاهیم او زمرد ما خزانیم او بهار

Бози пурсидам ки базми Подшаҳ ба ё биҳишт

باز پرسیدم‌ که بزم پادشه به یا بهشت

Посухам гуфтанд к-эии донои худоро шарми дор

پاسخم ‌گفتند کای دانا خدا را شرم‌دار

Бо ҳавои маҷлиси шаҳи ёд аз ҷинат макун

با هوای مجلس شه یاد از جنت مکن

Пеши даргоҳи сулаймони ном аҳрӣман меар

پیش درگاه سلیمان نام اهریمن میار

Фахри глзри Ирами ин бас ки то шоми абад

فخر گلزر ارم این بس‌که تا شام ابد

Накҳатӣ дорад зи хокпои хусрави ёдгор

نکهتی دارد ز خاکپای خسرو یادگار

Боз гуфтам бахт ӯ аз рутбаи бартар ё сипеҳр

باز گفتم بخت او از رتبه برتر یا سپهر

Ларзи ларзон ҷумла гуфтанд эй ҳакими ҳӯшёр

لرز لرزان جمله ‌گفتند ای حکیم هوشیار

Пели шатранҷ аз куҷо монад ба пели мнглўс

پیل شطرنج از کجا ماند به پیل منگلوس

Шери шодравон куҷо монад ба шери марғзор

شیر شادروان ‌کجا ماند به شیر مرغزار

Онгаҳам гуфтанд дорем аз ту мо як орзӯ

آنگهم‌ گفتند داریم از تو ما یک آرزو

Ҳам ба хоки пои шаҳи к-эии орзӯӣ мо барор

هم به خاک پای شه کای آرزوی ‌ما برآر

Гуфтам эй хубон бигӯед орзӯии хештан

گفتم ای خوبان بگویید آرزوی خویشتن

Корзўии хубрӯёнро ба ҷонами хостор

کارزوی خوبرویان را به جانم خواستار

Дасти ман аз аҷз бӯседанд ва гуфтанд эй ҳаким

دست من از عجز بوسیدند و گفتند ای حکیم

Чашм мо давраст чун аз чеҳри шоҳи комгор

چشم ما دورست چون از چهر شاه ‌کامگار

Кун саводи дидаи моро ба ҷои дӯдаи ҳал

کن سواد دیدهٔ ما را به جای دوده حل

Дар дуот андар ба зеру рӯзу шаб бо худ бидор

در دوات اندر به زیر و روز و شب با خود بدار

То магар зон дӯдаи ҳргаҳи мадҳи шаҳсозӣ рақам

تا مگر زان دوده هرگه مدح شه سازی رقم

Чашм мо уфтад ба номии номи шоҳи тоҷдор

چشم ما افتد به نامی نام شاه تاجدار

Инак аз он дӯдаи ин шеъри равони бнгоштм

اینک از آن دوده این شعر روان بنگاشتم

То ба ғлмонони магар таҳсин фиристад шаҳриёр

تا به‌ غلمانان ‌مگر تحسین ‌فرستد شهریار

Хусрави ғозии Муҳамади шаҳ ки умру давлаташ

خسرو غازی محمّد شه ‌که عمر و دولتش

Бод аз субҳи бақо то шоми маҳшари пойдор

باد از صبح بقا تا شام محشر پایدار