зи шоҳидӣ ки буд рӯйиш азнигор нигор

ز شاهدی که بود رویش از نگار نگار

Бихоҳ бода ва бар ёд мегусор гусор

بخواه باده و بر یاد میگسار گسار

Гарми ҳазор маломат кунад ҳасуд чаҳ суд

گرم هزار ملامت‌ کند حسود چه سود

Кунун ки бастаи зи хӯни диламнигор нигор

کنون که بسته ز خون دلم نگار نگار

Дилами гирифтаи зи ҷаври замонае ҳамдам

دلم‌گرفته ز جور زمانه ای همدم

Ҳадиси зуҳду вараъ дар миён меар май ор

حدیث زهد و ورع در میان میار می آر

зи қади каҷи каллаони ростии магари ҷӯӣ

ز قدّ کج‌کلهان راستی مگر جویی

Вагарнаи ин тамаъ аз чархи каҷи мадори мадор

وگرنه این طمع از چرخ ‌کج مدار مدار

Барои онкии зи ман моҳи ман канора кунад

برای آنکه ز من ماه من ‌کناره‌ کند

Чаҳ ҳиялҳо ки баради хасми нобакор ба кор

چه حیلها که برد خصم نابکار به کار

Ман аз хриФ наяндешам эй ҳариф ки ҳаст

من از خریف نیندیشم ای حریف که هست

Тамоми солим аз он рӯй чун баҳори баҳор

تمام سالم از آن روی چون بهار بهار

Аз он замон кинигорам канораи ҷустаи зи ман

از آن زمان‌که نگارم‌کناره جسته ز من

зи сайл хӯн будам баҳр бе кноркнор

ز سیل خون بودم بحر بی‌کنارکنار

зи бас ки гул кунам аз оби дидаи хоки замин

ز بس ‌که ‌گِل‌ کنم از آب دیده خاک زمین

Маҷол нест касеро ба раҳгузори гузор

مجال نیست کسی را به رهگذار گذار

зи оташи дили худ сӯхтами балии сӯзад

ز آتش دل خود سوختم بلی سوزد

зи сӯзи хеши براردи зи худ чу нори чанор

ز سوز خویش برآرد ز خود چو نار چنار

Дило насим сабо ҳаст пайки ҳазрати дӯст

دلا نسیم صبا هست پیک حضرت دوست

Биёу ҷон ба раҳи пайк раҳсипор сипор

بیا و جان به ره پیک رهسپار سپار

Мрокаҳи панҷаи ман бар натофт шери жён

مراکه پنجهٔ من بر نتافت شیر ژیان

Бутӣ намӯд ба оҳӯии ҷоншкори шикор

بتی نمود به آهوی جانشکار شکار

На ман ба рӯй ту эй глъзори муштоқам

نه من به روی تو ای ‌گلعذار مشتاقم

Гулӣаст рӯй ту ковро буд ҳазор ҳазор

گلیست روی تو کاو را بود هزار هزار

Ҷӯ бар мазор ман уфтад гузорат аз пас марг

جو بر مزار من افتد گذارت از پس مرگ

Машав зи ғуссаи ман зор ва бар мазори мазор

مشو ز غصهٔ من زار و بر مزار مزار

Ғаму ?илами табу тоби ашку оҳи сӯзу гудоз

غم و الم تب و تاب اشک و آه سوز و گداز

Намӯда ишқи ту моро бад-ӣни ду чори дўчор

نموده عشق تو ما را بدین دو چار دوچار

Ду мори зулфи ту гӯйии ду мор заҳҳокаст

دو مار زلف تو گویی دو مار ضحاکست

зи ҷони халқи баровардаи он ду мори дамор

ز جان خلق برآورده آن دو مار دمار

Марост дар дил аз он зулфи пуршиканҷи шиканҷ

مراست در دل از آن زلف پرشکنج شکنج

Марост дар сар аз он чашми пурхумори хумор

مراست در سر از آن چشم پرخمار خمار

Гирифта аз танами он мӯии ношикеби шикеб

گرفته از تنم آن موی ناشکیب شکیب

Рабӯда аз дилами он зулф бе қарори қарор

ربوده از دلم آن زلف بی‌قرار قرار

Кунӣ ту сайди дили бедилони чунонкии амир

کنی تو صید دل بیدلان چنانکه امیر

Кунад ялонро аз теғи ҷоншкори шикор

کند یلان را از تیغ جانشکار شکار

Ҷаноби мътмдолдўлаҳи доварӣ ки кунад

جناب معتمدالدوله داوری که کند

Адуии дайнро аз ханҷар назор назор

عدوی دین را از خنجر نزار نزار

Ямини давлату дайни Каҳфи осмону замин

یمین دولت و دین‌کهف آسمان و زمین

Ки халқро диҳад аз ҳиммати ясори ясор

که خلق را دهد از همت یسار یسار

Ба кохи шавкаташ аз меҳтарони гуруҳи гуруҳ

به کاخ شوکتش از مهتران گروه گروه

Ба қасри давлаташ аз сарварони қатори қатор

به قصر دولتش از سروران قطار قطار

МлоФи биҳдаҳи қоонё ки натавонӣ

ملاف بیهده قاآنیا که نتوانی

Сифот ӯро то арсаи шумори шумор

صفات او را تا عرصهٔ شمار شمار